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एनएमडीसी को बेचने में 7 हजार करोड़ के घालमेल का आरोप

4 वर्ष पहले
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जगदलपुर| एनएमडीसी के निजीकरण और इसके विनिवेशीकरण के विरोध में जोगी कांग्रेस ने 17 जुलाई को जिला बंद की घोषणा की है। इससे पहले शुक्रवार की दोपहर पार्टी नेताओं ने एक पत्रवार्ता आयोजित की। इसमें जोगी कांग्रेस के नेता पुलक भट्टाचार्य ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि एनएमडीसी की लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपए है और इसे निजी हाथों में 13 हजार करोड़ रुपए में सौंपने की तैयारी है। ऐसे में लागत और इसे बेचने के बीच की रकम जो करीब 7 हजार करोड़ रुपए है उसमें बड़ा खेल होने का अंदेशा है। उन्होंने कहा कि सरकार स्थानीय बेरोजगारों और स्टील प्लांट प्रभावितों से धोखा कर रही है। पार्टी के जिलाध्यक्ष अमित पांडे ने कहा कि स्टील प्लांट के लिए प्रभावितों ने अपनी जमीन इसलिए दी थी क्योंकि यह सरकारी उपक्रम था। ग्रामसभा ने भी सहमति सरकारी उपक्रम के चलते ही दी थी, लेकिन इसके विनिवेशीकरण से पहले ग्रामसभा की अनुमति नहीं ली गई है। वहीं प्लांट के लिए स्थानीय लोगों की जमीन का मुआवजा सरकारी दर पर दिया गया जबकि निजी प्लांट के लिए यह मुआवजा की राशि ढाई गुना ज्यादा हो जाती है। ऐसे में प्रभावितों को भी ठगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता भी इस मामले में बस्तर की जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने यह भी घोषणा की है कि यदि प्रभावित लोग निजीकरण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ना चाहते हैं तो पार्टी इस लड़ाई में होने वाला सारा खर्च उठाएगी। उन्होंने बताया कि 17 जुलाई को होने वाले बंद के लिए चेंबर ऑफ कामर्स सहित सभी समाजों और संगठनों से समर्थन मांगा जा रहा है। पत्रवार्ता में रोजविन दास, बाबा जमील, शंकर तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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