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छात्रावास की छत का प्लास्टर गिरा, छात्रों की जान जोखिम में
{संबलपुर में प्री मैट्रिक छात्रावास भवन बदहाल। {छात्रों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक नहीं।
भास्करन्यूज|नवागढ़
संबलपुर छात्रावास में जान जोखिम में डालकर छात्र रह रहे हैं। भवन जर्जर हो गया। छत का प्लास्टर गिरने लगा है। इससे छात्र कमरे से बाहर रहकर ज्यादातर समय गुजारते हैं। यहां छात्रों की संख्या भी दिनों दिन कम हो रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आश्रमों छात्रावासों में सुविधा को लेकर अफसरों को विशेष निर्देश दिए हैं। इसका असर बेमेतरा जिले के छात्रावासों में नजर नहीं रहा है। संबलपुर में 20 सीट वाले प्री मैट्रिक छात्रावास की स्थिति बदहाल है। यहां जान बचाने ज्यादातर छात्र छात्रावास से बाहर रहना ही पंसद कर रहे हैं। छात्रों के लिए तीन कमरे हैं। इन कमरों में छत से प्लास्टर उखड़ गए हैं। सरिया लटकने की कगार पर है कमरों में बेड तो लगे हैं। लेकिन पंखों की संख्या 5 बेड के लिए एक है। इन कमरों को यदि अभिभावक देख लें तो रात में क्या दिन में भी अपने बच्चों को भेजे। छात्रावास में छात्रों के लिए बने तीन टायलेट में दरवाजे ही नहीं है।
बाकी की स्थिति भी ठीक नहीं है। लगभग दो माह पहले कलेक्टर डॉ. बसवराजु एस इसका निरीक्षण करने आए थे। तब यहां के छात्रों को लगा कि अच्छे दिन आएंगे। दो महीने बाद स्थिति जस की तस है।
सूचना बोर्ड अपडेट नहीं
छात्रावासके बरामदे में महत्वपूर्ण जानकारी के लिए लगे सूचना बोर्ड में उन अफसरों के नाम अभी भी है जिनका तबादला 2013 में हो गया है। आलम यह है की इस विभाग से रिटायरर्ड हो चुके आयुक्त एमएस परस्ते का नाम संपर्क के लिए विशेष रूप से चस्पा किया गया है।
संबलपुर प्री मैट्रिक छात्रावास भवन की छत का प्लास्टर उखड़ कर गिर गया है। इससे छड़ दिखने लगा है।
^उच्च अफसरों को पूरी जानकारी है। मैं छोटा कर्मचारी हूं। इसका समाधान का अधिकार मुझे नहीं है। यूएसकुर्रे, अधीक्षक
लगातार घट रही छात्रों की संख्या
4फरवरी को जब इस छात्रावास को जाकर देखा गया तब पता चला कि यहां कोई अधिकारी झांकने तक नहीं आता। विभागीय रिकार्ड में जहां 17 की संख्या है। उस छात्रावास में केवल दो छात्र तामस्कर मुकेश मिले। इनके अलावा वहां कोई नहीं था। दोनों छात्र छुट्टी के कारण बताकर कम उपस्थिति में पर्दा डालने का प्रयास किया।
जो अफसर यहां से चले गए उनका भी नाम बोर्ड पर है।