अरहर की खेती से किसानों को लाभ
जिलेमें 30 करोड़ के अरहर की पैदावार से किसान सोयाबीन के घाटे से उबरने में सफल रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने साल 2014 में बारिश कम होने की भविष्यवाणी की थी। इसी भविष्यवाणी से बेमेतरा जिले के किसानों ने दूरदर्शिता का परिचय दी तथा सोयाबीन के बदले अरहर की बंपर पैदावार कर उल्लेखनीय सफलता हासिल कर ली है।
जिले में लगभग 40 हजार हेक्टेयर रकबा में किसान सोयाबीन की उपज लेते हैं सोयाबीन की कटाई के बाद इसमें रबी फसल में चना, मसूर,धनिया,अलसी की उपज लेते हैं। किसानों को मौसम की जानकारी जो मिली इससे वे समझे की खरीफ की उपज तो ले लेंगे रबी फसल की बोनी कैसे करेंगे जब खेत में नमी नहीं होगी तो जुताई नहीं हो पाएगी कम बारिश से बिजली पानी दोनों की समस्या होगी इससे बेहतर है की सोयाबीन के साथ अरहर की बोनी कर दी जाए, बाद में वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी गलत साबित हो गई और जिले में अपेक्षा से कहीं अधिक बारिश हुई, जिले में सोयाबीन की फसल तबाह हो गई। अरहर इससे अछूता रहा जिन किसानों ने सोयाबीन के साथ इसकी खेती की वे आज खुश हैं।
रकबेमें वृद्धि हुई : उपसंचालककृषि जीएस धुर्वे ने बताया की विभाग के पास रकबे का प्रमाणित आंकड़ा तो नहीं है पर यह सच है की रकबे में वृद्धि हुई है, उपज भी बंफर है, कतार बोनी मेढ़ों में की गई बोनी के अलावा सोयाबीन के साथ लिए गए अरहर को सूचना चारों ओर है, बारिश से जो नुकसान हुआ है,भरपाई से राहत है।
30 करोड़ के अरहर होने का है अनुमान
कृषिविभाग के आंकड़े के अनुसार वर्ष 2013-14 में 3863 हेक्टेयर रकबे में अरहर की खेती की गई थी वर्ष 2014 -15 का प्रमाणित आंकड़ा विभाग के पास नहीं है पर अनुमान है कि जिले में 5000 हेक्टेयर रकबे में अरहर की खेती की गई है , रकबा बढ़ भी सकता है प्रति एकड़ अरहर की उपज 12 क्विंटल मानी जाती है इससे 60 हजार क्विंटल उपज का अनुमान है बाजार मे अरहर 5 हजार से 55 सौ रुपए क्विंटल में किसान बेच रहे हैं, इससे 30 करोड़ का कारोबार लगभग तय है। धरमपुरा के किसान विनोद साहू ने कहा की अरहर की एेसी खेती वे पहली बार देख रहे हैं, लगभग सभी ग्रामों में इस वर्ष हाफ नदी, सकरी नदी शिवनाथ तट पर बसे ग्रामों में अरहर की उपज देखने योग्य है , दाढ़ी निवासी गनपत जायसवाल मरका निवासी अजय साहू ने कहा सोयाबीन के साथ अरहर की खेती कर किसानों ने बिजली पानी की जो बचत की है, यह अनुकरणीय है हर गांव में खलिहान अरहर से गुलजार है।
नवागढ़ ब्लॉक के अंधियारखोर में अरहर की खेती।