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करकाभाट शुगर मिल में आज से शुरू हो रही पेराई
करकाभाटशुगर मिल में शनिवार से गन्ना पेराई की शुरूआत होगी। इसके लिए पूजा अर्चना गुरूवार को किया गया गया। किसानों ने गन्ना लाना भी शुरू कर दिया है। लेकिन पर्याप्त मात्रा में गन्ना नहीं पहुंचने की स्थिति में प्रबंधन ने शनिवार से पेराई करने का निर्णय लिया। जिले में गन्ने की कमी की वह से इस बार भी कवर्धा के गन्ना से कारखाना में पेराई सत्र चलेगा। उसके बाद औपचारिक रूप से पेराई शुरू होगी।
विधिवत रूप से २३ दिसंबर से गन्ने की पेराई शुरू हो जाएगी। इसके पूर्व बायलर पूजा गुरूवार को कर दी गई थी। बायलर को पहले से ही गरम करना होता है। उसे गरम करने में समय लगता है। इस बार भी गन्ना दूसरों जिलों से मंगाया गया है। बालोद ब्लाक में 53 ग्राम पंचायतों के 93 गांव होने के बाद भी हर साल कारखाने में गन्ने की कमी होती है। जिले के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत कारखाने में पेराई के लिए 40 हजार टन गन्ना कारखाना के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं कवर्धा से 90 हजार टन आएगा। पिछले साल कवर्धा से 60 हजार टन गन्ने की मांग की गई थी लेकिन इस वर्ष 30 हजार टन ज्यादा गन्ना मंगाया जा रहा है। इसी तरह बेमेतरा, साजा, बेरला अन्य जगहों से 50 हजार क्विंटल गन्ना लाने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियो को इस साल अच्छे परिणाम की उम्मीद है।
डेढ़लाख टन गन्ना पेराई का लक्ष्य : इससत्र में कारखाना में कुल गन्ना पेराई का लक्ष्य डेढ़ लाख टन है। कारखाना होने के बाद भी गन्ने के मामले में जिला अभी तक आत्म निर्भर नहीं हो पाया है। कवर्धा अन्य क्षेत्रों के गन्ने से हर साल पेराई की जाती है। इस साल भी उसी का आसरा रहेगा। ज्यादा दिन पेराई हो, इसके लिए ज्यादा नियमित गन्ने की जरूरत पड़ती है। अगर जिले में भी कारखाने के लिए पर्याप्त गन्ना मिलता तो पेराई की अवधि बढ़ती और साथ-साथ शक्कर उत्पादन भी ज्यादा होता है। कारखाने में प्रतिदिन 50 ट्रक गन्ने की खपत होती है।
कारखाना के कर्मचारी हर समय काम करने के लिए तैयार है लेकिन गन्ना के अभाव में कारखाना नियमित चालू नहीं रह पाता। कवर्धा से गन्ना लाना महंगा पड़ता है लेकिन मजबूरी होती है। जानकारी अनुसार इस सीजन में 13 हजार 500 टन शक्कर उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है। गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए चार करोड़ रुपए सहित परिवहन अन्य कार्यों के लिए प्रबंधन ने 11 करोड़ रुपए अनुदान की मांग शासन से की है। इ