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मनरेगा में 7 लाख 24 हजार का फर्जी भुगतान
ग्रामहसदा में मनरेगा के सामाजिक अंकेक्षक के दौरान गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जांच दल ने लगभग 7 लाख 24 हजार 890 रुपए का फर्जी भुगतान पाया है। इसमें 546 मजदूरों के 4965 कार्य दिवस की मजदूरी शामिल है। सामाजिक अंकेक्षण दल ने घर-घर जाकर जांच की तो मामले का खुलासा हुआ। बेरला ब्लॉक के 30 ग्राम पंचायतों का 2013-14 के मनरेगा इंदिरा आवास 2011 से 14 तक मध्यान्ह भोजन का सामाजिक अंकेक्षण करने छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई रायपुर की टीम यहां आई है।
हसदा में 6 से 12 दिसंबर तक टीम ने घर-घर जाकर जॉब कार्ड, पासबुक एमआईएस की जांच की। एमआईएस में जो मजदूर काम पर जाते हैं उसी का नाम कार्य दिवस, मजदूरी राशि कार्य का नाम रहता है। लेकिन यहां अधिकतर ऐेसे लोगों के नाम है जो काम पर नहीं गए हैं। जांच के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि जो व्यक्ति काम पर नहीं गया है उसका फर्जी मस्टररोल बनाया गया है। शनिवार को हुई विशेष ग्राम सभा फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ तो सरपंच ललित परगनिहा, सचिव संतोष कुमार, रोजगार सहायक पोषण सिन्हा सभी ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया और ग्राम सभा से चले गए।
इधर पूर्व सरपंच प्रकाश वर्मा का कहना है कि मामले की जांच कर दोषी लाेगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
फर्जी हाजिरी वालों के नाम
जगमोहनसतनामी जॉब कार्ड 388, काम 33 दिन, रमेश सतनामी जॉब कार्ड 388 काम 33 दिन, सरोज जॉब कार्ड 394 काम 32 दिन, बीसाखा बाई जॉब कार्ड 320 काम 43 दिन, फुलेश्वरी जॉब कार्ड 83 काम 45 दिन, दयाराम जाॅब कार्ड 83 काम 55 दिन, कमल सतनामी जॉब कार्ड 487 काम 33 दिन, किशन सतनामी जॉब कार्ड 50 काम 15 दिन, कार्तिक जॉब कार्ड 50 काम 12 दिन का फर्जी हाजिरी दर्ज किया गया है।