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कुसमी-खुड़मुड़ी मार्ग के स्टीमेट की हो सकती है जांच
आदेश को रद्दी में डाला
मंत्री ने दिए संकेत
होगीकार्रवाई
18सितंबर को पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत ने दुर्ग में अपने विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इसमें बेरला ब्लॉक के कुसमी खुड़मुड़ी मार्ग के स्टीमेट का मुद्दा उठा। मंत्री ने स्टीमेट बनाने वाले अधिकारियों के संबंध में पूछा तो एक-दूसरे का नाम लेकर मुंह छिपाते जिम्मेदार अधिकारियों ने सही जानकारी नहीं दी।
सत्यता यह है कि इस मार्ग का स्टीमेट तत्कालीन एसडीओ एके चौहान सब इंजीनियर सागर साहू के देख रेख में बना है। इन दोनों का यदि इतिहास देखा जाए तो विभाग का कार्य सार्वजनिक हो जाता है। बेमेतरा संभाग में बेमेतरा से बालसमुंद मार्ग निर्माण में ठेकेदार द्वारा कवर्धा में जिला पंचायत के अधीन कार्यरत सब इंजीनियर को अपना ठेकेदार बताया गया था इस फर्जी ड्यूटी का सत्यापन तत्कालीन एसडीओ एसके चौहान सब इंजीनियर सागर साहू द्वारा किया गया था।
अभाविप के प्रदेश पदाधिकारी रोहित महेश्वरी में पीडब्लूडी मंत्री राजेश मूणत को पत्र लिखकर बेरला मुख्यालय में नहीं रहने वाले सब इंजीनियर, मलाईदार कार्यों में विभागीय जुगाड़ से रहने वाले सब इंजीनियर छद्म नामों से स्वयं ठेकेदारी करने वाले अधिकारी के कार्यों की जांच की मांग की है।
15 अप्रैल 2013 को तत्कालीन सीई विजय भतपहरी ने बेमेतरा संभाग में पदस्थ सब इंजीनियर सागर साहू का ट्रांसफर तत्काल प्रभाव से सीई कार्यालय रायपुर किया था। 17 माह बाद स्थिति यह कि विभाग ने इस पर अमल नहीं किया अब स्थित यहां तक पहुंच गई है कि बेमेतरा उपसंभाग में स्वीकृत पद से तीन सब इंजीनियर अधिक है।
अधिक हैं सब इंजीनियर
ईईपीडब्लूडी बेमेतरा केके गुप्ता ने स्वीकार किया कि मंत्री की बैठक में उसकी खुड़गुड़ी का मामला उठा। गुप्ता ने बेमेतरा में सब इंजीनियर की अधिकता को भी स्वीकारा पर तबादला के बाद नहीं रहने के मामले में अनभिज्ञता जाहिर की। गुप्ता ने हेड क्वार्टर में उपस्थिति के लिए पत्र लिखने की जानकारी देते हुए मलाईदार काम एक सब इंजीनियर से कराए जाने के सवाल पर पता करने की बात कहते हुए सवाल टाल गए। सीई डीके अग्रवाल ने सवालों को सुनने के बाद चुप्पी साध ली।
आज तक नहीं हुई कार्रवाई
ज्ञातहो कि दैनिक भास्कर में जनवरी 2013 में ‘उपयंत्री के नाम पर करोड़ों का ठेका’ शीर्षक से खबर प्रमुखता के साथ प्रकाशित की गई थी। इसके बाद विभाग ने