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पूरी कीमत चुकाने के बाद भी मिल रहा कम सामान

7 वर्ष पहले
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जिलाबनने के तीन साल बाद भी लोग नापतौल विभाग का पता नहीं जान पाए हैं। इस विभाग के पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी शहर के बाजार से लेकर क्षेत्र में अब तक जांच करते हैं और ही कांटामार व्यापारियों पर कोई कार्रवाई। लिहाजा शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में लोग पूरी कीमत चुकाकर भी पूरा सामान प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। वे ठगी का शिकार हो रहे हैं। बेमेतरा शहर का किराना, गल्ला या सब्जी दुकान हो या फिर पेट्रोल पंप हर जगह कांटा मारी का खेल चल रहा है।

जिले में चार ब्लॉक बेमेतरा, नवागढ़, साजा बेरला है। इतने बड़े विस्तृत क्षेत्र के लिए जिला मुख्यालय में एक नापतौल निरीक्षक जिनका पदनाम बदलकर निरीक्षक विधिक माप विज्ञान किया है, दामोदर प्रसाद वर्मा पदस्थ हैं। एक सहायक ग्रेड 3 किशोर बांधेकर भृत्य बोधनलाल सोनवानी की पदस्थापना की गई है। नापतौल विभाग बेमेतरा में पदस्थ नापतौल निरीक्षक दामोदर प्रसाद वर्मा ने बताया कि वर्ष 2012 से अब तक कवर्धा नापतौल निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू को बेमेतरा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। जुलाई 2014 में दामोदर प्रसाद वर्मा ने चार्ज लिया है।

तराजू- बाट में सील लगाने लगाया जाता है शिविर

तराजूबाट सत्यापन के लिए जिले में शिविर लगाया जाता है। जिला मुख्यालय में 9 से 15 अक्टूबर तक शिविर लगेगा। जिसमें लगभग 70 गांव के व्यापारी अपने तराजू बाट में सील लगवा सकेंगे। बाट, तराजू लीटर में हर दो साल में सील लगवाना होता है। इलेक्ट्रानिक कांटे में हर साल सील लगवाना अनिवार्य है। बाट तराजू लीटर या इलेक्ट्रानिक कांटे का निर्धारित समय पर सत्यापन नहीं कराने पर एक साल देरी होने पर निर्धारित शुल्क का आधा पैसा दंड के रूप में जमा करना पड़ता है।

कर्मचारियों की कमी के कारण ठेकेदार लगाते हैं सील

नापतौलनिरीक्षक दामोदर प्रसाद वर्मा ने बताया कि विभाग ने कुछ लोगों को लाइसेंस जारी किया है। जो व्यापारियों के कांटा बाट में सील लगाने का काम करते हैं। जिले में अब तक एक भी नापतौल से संबंधित न्यायालयीन प्रकरण नहीं बनाया गया है। सभी दर्ज अपराध प्रकरण राजीनामा के तहत पैसे जमा कराकर छोड़ा गया है। जिसमें अगस्त में 4 अपराध प्रकरण नवागढ़ बेरला में बनाए गए थे। इससे 9 हजार रुपए राजस्व की आय हुई। सितंबर में अब तक 3 प्रकरण तैयार किए गए थे।

^विभाग में अमले की कमी है। क्षमता के अनुसार जितना काम होगा उतरना पूरा करु