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बिहार में गुम हुई वृद्धा चार माह बाद मिली अपने परिवार से
इधर-उधर भटक कर किसी तरह भानुप्रतापपुर पहुंच गई यहां के कुछ लोगों की कोशिश वो अपने घर पहुंच गई
भास्करन्यूज| भानुप्रतापपुर
चारमाह पहले बिहार की एक वृद्धा अपने परिवार से बिछड़ गई थी। उम्र की इस पड़ाव में भी वह कई खट्टे मीठे अनुभव लेने के बाद अंतत: गुरुवार को अपने परिवार से जाकर मिली। रास्ते में मिले कुछ लोगों ने उसे लूट लिया तो कुछ ने उसकी मदद की। कुछ ने उसे दया का पात्र समझ अपनी सिर आई मुसीबत को दूर करने ट्रेन में बैठा दिया। जिसके चलते वह भटकते भटकते भानुप्रतापपुर पहुंची।
यहां से एक बार फिर उसके घर वापसी के लिए कवायद शुरू की गई और अंत में चार माह बाद भानुप्रतापपुर पहुंचे उसके पजिरनों को उसे सौंप दिया गया। 60 वर्षीया बिहार की महिला रचकाली देवी पति शिवजी ग्राम पसौनी जिला सितामणी बिहार अपने गांव में चार माह पूर्व बाजार सब्जी लेने गई थी। वापस लौटने के दौरान उसे एक आटो वाले ने घर पहुंचाने मदद देने की बात कही और उसे सूनसान स्थान पर ले जाकर उसके जेवर छीन लिए। यहां से वृद्धा के जीवन में नया मोड़ गया और वह भटक गई। इसी बीच एक व्यक्ति ने वृद्ध को डेढ़ सौ रूपए दिए और गांव वापस जाने बस में बैठाया लेकिन वह कहीं और पहुंच गई।
इसके बाद यही सिलसिला चलता रहा और उसे किसी ने ट्रेन में बैठा दिया। जिसके बाद वह छग पहुंच गई। घूमते घूमते वह 10 सितंबर को भानुप्रतापपुर पहुंची। यहां मुल्ला के सोहराब अली ने वृद्धा का कोर्रामपारा के एक घर में उसके रहने के लिए बंदोबस्त कर दिया। यहां आपपास के लोग भोजन आदि की व्यवस्था करते रहे थे। इसके साथ ही सोहराब अली द्वारा महिला से पता पूछकर उसकी फोटो डाक के माध्यम से परिवार को भेज दी। जिसमें उसने अपना मोबाइल नंबर भी लिख दिया। पत्र मिलने के बाद परिजनों ने मोबाइल नंबर पर काल लिया और 25 सितंबर को भानुप्रतापपुर पहुंचे। इस दौरान महिला को परिवार को सुपुर्द किया गया। महिला के पति शिवजी मुखिया अपनी प|ी को पा कर भावुक हो गए। परिवार को मिलाने सहयोग पर धन्यवाद दिया। इसमें प्रशासन के साथ साथ परिवाहन संघ के भुपेन्द्र सिंह सिद्वू, श्याम शुक्ला, सुखविंदर सिंह धुन्ने, अभिजीत सिंह ने सहायता की और संघ ने वापस बिहार जाने के लिए राशि भी दिया।
भानुप्रतापपुर. गुम महिला लौटी तो उसे लेने परिवार पहुंचा थाना।