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पल्लामारी बंजारी माता मंदिर बन सकता है पर्यटन स्थल

7 वर्ष पहले
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ब्लाकमुख्यालय दुर्गूकोंदल से 4 किमी दूरी पर स्थित पल्लामारी बंजारी माता मंदिर ग्राम हाहालद्दी में ऐतिहासिक महत्व एवं दर्शनीक पर्यटन स्थल घोषित करने समिति ने एसडीएम भानुप्रतापपुर को पत्र लिखा था। एसडीएम ने इसे संज्ञान में लेते मंदिर समिति से पल्लामारी बंजारी मंदिर हाहालद्दी के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है। उल्लेखनीय है कि यह स्थान हर धर्म के लोगों का आस्था का केंद्र है। इस स्थान पर माता के मंदिर में नवरात्र में श्रध्दालुओं द्वारा प्रतिवर्ष 1000 से अधिक ज्योति कलश प्रज्वलित कराए जाते हैं। नौ दिनों तक मेला लगा रहता है। हर माह की 24 तारीख को मंदिर का स्थापना दिवस मनाया जाता है।

मंदिर समिति सदस्य हेमंत विश्वकर्मा, मोहन सिन्हा रमेश गावड़े ने बताया कि जानकारी तैयार कर पुन: एसडीएम को दी गई है।

पल्लामारी बंजारी माता मंदिर ग्राम हाहालद्दी में स्थित है। यह स्थान भानुप्रतापपुर-पखांजुर मार्ग पर दुर्गूकोंदल से 4 किमी

शेषपेज 16 पर

औरभानुप्रतापपुर से 30 किमी तथा कांकेर जिला मुख्यालय से 80 किमी की दूरी पर स्थित है। एक मंदिर पहाड़ के नीचे एवं पहाडृावाली बंजारी माता का मंदिर ऊंचे पहाड़ में स्थित है जो नीचे मंदिर से 3 सौ मीटर की ऊंचाई पर है। यह मंदिर प्राचीन है और यह बंजारी माता के नाम से वन देवी पूज्यनीय है। यह स्थान कंक राजाओ के राज्य क्षेत्र अंतर्गत आने वाले पूज्य देवी देवताओं के मध्य बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। क्षेत्र के ग्रामीणों के पूर्वज वनोपज संग्रह करने के पूर्व देवी की पूजा उपासना कर आर्शीवाद प्राप्त करके जीविका चलाते रहे हैं। इसका प्रमाण है की सन 1956 से 1960 के बीच मालिक मकबुजा जंगल कटाई में लकड़ी निकालने में आने वाली बाधाओं के निराकरण स्वरूप व्यापारी द्वारा एक छोटे मंदिर का निर्माण कराया गया था।

जनसहयोगके काफी काम, फिर भी कई बाकी : यहस्थान इस क्षेत्र के हर धर्म के लोगों के लिए आस्था का केन्द्र है। इसे पर्यटन स्थान बनाने से जगह की उपलब्धता प्राकृतिक सौंदर्य एवं विभिन्न संरचनाओं के लिए सुविधाएं मिल जाएगी। यहां स्थित मंदिरों का सुधार, श्रध्दालुओं के लिए आवासीय व्यवस्था, लगभग 500 सीढ़ियों का निर्माण किया गया है शेष का निर्माण किया जाना है। पेयजल की व्यवस्था किया जाना शेष है। नीचे मंदिर से ऊपर मंदिर जाने वाले मार्ग पर ग्राम पंचायतों द्वारा दो पुल का निर्माण क