गड्ढों और कटाव से नेशनल हाईवे पर सफर हुआ खतरनाक
गांव के बंद पड़े हैंडपंपो की सुध लेने वाला कोई नहीं
वन विभाग अंचल के अंदरूनी इलाकों के गांवों में हैंडपंप खोद कर इनकी सुध लेना भूल गया है। विभाग की ओर से ग्रामीणों की सुविधा के लिए खोदे गए हैंडपंप में गुणवत्ताहीन सामान लगाए जाने के चलते कुछ ही दिनों में यह जवाब देने लगते हैं। आज स्थिति यह है कि कई हैंडपंप बंद पड़े हैं। इसके कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
वन ग्राम और वन अधिकार पट्टाधारी गांव साल्हेपारा, मेंडार, नदीचुआ, बेरकोड़, कुली, ताड़हुर, मरकाचुआ, महल आदि गांवों में वन विभाग की ओर से हैंडपंपों की खुदाई कराई गई थी। इस दौरान घटिया स्तर के पाइप और अन्य सामान लगा दिए गए जो चालू होने के कुछ दिन बाद ही बिगड़ गए। ग्रामीण राजुराम सलाम, उपसरपंच जुगू राम ध्रुव, जगधेर पोटाई, रिसू राम मंडावी, रयसू ध्रुव ने बताया कि वन विभाग ने गांव में हैंडपंप खोदा गया था जो बिगड़ गया है। बोरिंग मिस्त्री को बनाने बोलते हैं तो उसका कहना है कि इस बोरिंग को बनाने के लिए हमारे पास सामान नहीं है। इसकी जानकारी न तो विभाग को है और न ही बनाने कोई पहल की जा रही है। वहीं पीएचई विभाग के अधिकारी वन विभाग के हैंडपंप को सुधारने सामान नहीं आने की बात कह रहे हैं।
वन व पीएचई विभाग के बीच ग्रामीण परेशान : अंचल के अंदरूनी गांवों में खोदे गए हैंडपंपों की मरम्मत पीएचइ विभाग कर रहा है। ग्रामीणों को यह नहीं मालूम कि कौन सा हैंडपंप किस विभाग का हैं, उन्हें तो बस पानी चाहिए, जो उनकी प्यास बुझा सके। जानकारी नहीं होने पर ग्रामीण हैंडपंपों को ठीक करवाने वन व पीएचई विभाग के बीच दौड़ते रहते हैं।
वनविभाग हैंडओवर नहीं करता
ग्रामीणों की परेशानी देखकर वन विभाग द्वारा खोदे गए हैंडपंपों की मरम्मत जैसे-तैसे कर देते हैं। हमें इसके लिए सामान नहीं मिलता। वन विभाग की ओर से खोदे गए हैंडपंप हमें हेंडओवर भी नहीं किए गए हैं। सती कुमार ठाकुर, सब इंजीनियर, पीएचई पखांजुर
सुधरवाया जाएगा हैंडपंप
तत्काल सर्वे कर बिगड़े हुए हैंडपंपों को चिह्नांकित किया जाएगा। वन प्रबंधन समिति में पैसा है। इससे बिगड़े हुए हैंडपंपों को शीघ्र सुधारा जाएगा। राम अवतार दुबे, डीएफओ पश्चिम भानुप्रतापपुर
बड़गांव. घंटों चलाने के बाद बाल्टीभर निकलता है पानी।
गोविंदपुर में सड़क किनारे का कटाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
कटाव बने जानलेवा
गोविंदपुर में भी नेशनल हाईवे मेें कटाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रात में अंधेरा में कटाव नजर नहीं आ पाता तथा हादसे होते रहते हैं। ग्राम नंदनमारा में भी कटाव हो गया है और गिट्टी बाहर निकलने लगी है। ऊपर-नीचे मार्ग में भी नेशनल हाईवे में कुछ जगह पर कटाव हो गया है। कलेक्टर बंगला के पास मोड़ में भी किनारे भाग का कट गया है। यही हाल कचहरी चौक में भी है।
कांकेर. सिंगारभाठ में सड़क किनारे कटाव बन रहा हादसे का कारण।
निकासी की व्यवस्था नहीं होने से कटाव
नेशनल हाईवे में कटाव होने का मुख्य कारण बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होना है। सड़क में ही पानी का जमाव हो जाता है जिसके चलते सड़क में कटाव हो जाता है।
सर्वे के बाद होगी मरम्मत
एनएच पर हुए गड्ढों व कटाव का सर्वे कराने के बाद बेहतर ढंग से मरम्मत कराई जाएगी। एलपी ताम्रकार, एसडीओ, नेशनल हाईवे विभाग, कांकेर