कांग्रेसियों ने बोला सरकार पर धावा
50 किसानों ने आत्महत्या कर ली पर जूं न रेंगी
जिला कांग्रेस कमेटी ने इस बार पार्टी के 4 विधायकों के साथ गुरूवार को सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। रैली निकालकर कलेक्टोरेट पहुंचे कांग्रेसियों ने सरकार व जिला प्रशासन को जमकर कोसा। कलेक्टोरेट के मेन गेट के बाहर ही पुलिस ने रोक दिया। विधायक देवती कर्मा ने सरकार व प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की शह पर कलेक्टर विधायक की बात नहीं सुनते। नगर में टेंपल की जमीन पर बैठे व्यापारियों की बस्ती को उजाड़ दिया गया। विरोध करने पर उन्हें गिरफ्तार कर आम बंदी की तरह सलूक किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में एनएमडीसी के फंड का जमकर दुरुपयोग हो रहा है। विकास केवल नगरीय इलाके में दिखाकर वाहवाही लूटी जा रही है, जबकि अंदरूनी गांवों के लोग सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को तरस गए हैं। सरकार बाहर के लोगों को शिक्षक बना रही है, जो छात्राओं से बलात्कार जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। स्थानीय लोगों को नौकरी नहीं दे सकती तो सरकार पढ़ाती क्यों है। स्थानीय लोगों को एनएमडीसी में नौकरी नहीं मिली तो अब रेल पटरी उखाड़कर धरने पर बैठेंगे।
विश्वास में लिए बगैर फंड खर्च कर रहे
कोंटा विधायक कवासी लखमा ने सरकार की जमकर खिंचाई करते कहा कि रमन सरकार के कार्यकाल में बदइंतजामी बढ़ी है। विधायक के कांग्रेसी होने की वजह से उन्हें विश्वास में लिए बगैर फंड खर्च किया जाता है। चुने गए जन प्रतिनिधियों का सरकार अपमान हो रहा है। बस्तर का होने के बावजूद राज्य सरकार के मंत्री हेलिकॉप्टर से ही दौरा कर रहे हैं, उन्हें विकास की हकीकत का पता नहीं है। दंतेवाड़ा में टेंपल की जमीन से व्यापारियों को बेदखल किया जाना पूरी तरह गलत है। कांग्रेसियों के प्रदर्शन में सत्तार अली, अवधेश गौतम, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छबिंद्र कर्मा, अजय सिंह, विक्रम मंडावी, सुलोचना वट्टी, तूलिका कर्मा समेत सुकमा, बीजापुर व बस्तर जिले से आए कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता शामिल थे।
दो बार बदला सभा स्थल
कांग्रेसियों ने एक दिन पहले बुधवार की शाम से ही नगर के बस स्टैंड में सभा के लिए टैंट लगाने की तैयारी शुरू कर दी, लेकिन प्रशासन से इस जगह पर सभा की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद हाईस्कूल मैदान में सभा की अनुमति लेकर टैंट लगाए गए थे। रैली के कलेक्टोरेट से लौटने पर यहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करने का कार्यक्रम तय हुआ था, लेकिन अंतिम समय में फिर कांग्रेसियों ने कार्यक्रम बदला और कलेक्टोरेट के सामने यात्री प्रतीक्षालय को ही मंच के तौर पर इस्तेमाल कर लिया।
व्यापारियों के साथ अन्याय की कही बात
कांग्रेसियों ने राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में सौंदर्यीकरण के नाम पर दुकानों में तोड़फोड़ का विरोध जताते हुए एनएमडीसी में स्थानीय बेरोजगारों की भर्ती नहीं होने, लौह अयस्क खनन के चलते लाल पानी प्रभावितों को मुआवजा का वितरण बंद होने, एनएमडीसी के विकलांग कोटे में अपात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति, सीएसआर मद के पैसे से ग्राम पंचायतों को राशि नहीं देने देने, गरीबी रेखा चावल में कटौती और क्षेत्रीय विधायक देवती कर्मा की गिरफ्तारी को विशेषाधिकार हनन का मामला बताते उचित कार्रवाई करने की मांग की गई। ज्ञापन लेने के लिए कलेक्टर या अपर कलेक्टर के मौजूद नहीं होने पर विरोध जताते कांग्रेसियों ने डिप्टी कलेक्टर टीआर राजपाल को ज्ञापन सौंपने से मना कर दिया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद नायब तहसीलदार सीपी बघेल को ज्ञापन थमाकर लौट गए।
दंतेवाड़ा। कांग्रेसियों को कलेक्टोरेट के मेन गेट के बाहर ही पुलिस ने रोक दिया, तो सभी ने नजदीक स्थित यात्री प्रतीक्षालय को ही मंच के तौर पर इस्तेमाल किया।
नेताओं की शह पर अफसर कर रहे मनमानी
दंतेवाड़ा। सभा में शामिल होने बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे।