विस्फोट में घायल जवान की मौत
जिले के बासागुडा थाना क्षेत्र में शनिवार की सुबह एरिया डोमिनेशन के लिये निकला सीआरपीएफ का जवान प्रेशर बम की चपेट में गया। इस जवान को हास्पिटल तक पहुंचाने में तीन घंटे लग गए। इस दौरान खून ज्यादा बहने से इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सारकेगुडा के बेस कैम्प से शनिवार की सुबह सीआरपीएफ की 222वीं बटालियन के जवान रोज की तरह रोड आेपनिंग करने निकले थे। सारकेगुड़ा और बासागुड़ा के बीच राजपेंटा के निकट नक्सलियों द्वारा सडक के किनारे लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से सीआरपीएफ का एक जवान गोवर्धन रेड्डी के दोनों पांव विस्फोट के कारण क्षतिग्रस्त हो गए। सुबह साढ़े 8 बजे हुई इस घटना की जानकारी संचार संसाधनों की कमी के चलते हास्पिटल तक समय पर नहीं पहुंच पाई। लगभग तीन घंटे बाद किसी तरह घायल जवान को बासागुड़ा लाने के बाद उसे एंबुलेंस से जिला हास्पिटल लाया गया। खून ज्यादा बह जाने के चलते दोपहर करीब 12 बजे उसने दम तोड़ दिया। मृतक जवान आन्ध्रप्रदेश के महबूब नगर का रहने वाला था।
बीजापुर. जिला हास्पिटल में जवान का उपचार करते डॉक्टर।
घंटों बाद पहुंचा चौपर
घायलजवान को बेहतर इलाज के लिए ले जाने के लिये हेलिकाॅप्टर मांगा गया था लेकिन वह भी घटना घंटों बाद जिला मुख्यालय के पुराने पुलिस लाइन में उतरा। तब तक जवान की मौत हो चुकी थी।
बासागुड़ामें इलाज की सुविधा नहीं
जिलेके बासागुड़ा इलाके के सारकेगुड़ा, हिरापुर, थानो बेस केम्पो से केरिपु बल के अलावा जिला पुलिस बल के जवान नक्सलियों की सर्चिंग में निकलते हैं। जहां मुठभेड़ विस्फोट जैसी घटनाओं में कई जवान भी घायल होते हैं। जिनके इलाज के लिये बासागुड़ा के प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र में कोइ व्यवस्था नहीं की गई है। जिसके चलते घायल जवानों को इलाज के लिये घंटों एम्बुलेन्स हेलिकाॅप्टर का इन्तजार करना पड़ता है।