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बिना आवेदन भी नजूल पट्टों का होगा नवीनीकरण
आईईडी-डेटोनेटर बरामद
नजूल पट्टों के नवीनीकरण के लिए चक्कर लगाने की जरूरत नहीं, आवेदन नहीं दिए तो भी होगा नवीनीकरण। कलेक्टर ने जारी किए निर्देश अब भी पांच सौ से ज्यादा मामले लंबित।
भास्करन्यूज . जगदलपुर
शहर में नजूल नवकरण के मामले लंबित होने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। समय पर नवीनीकरण नहीं होने से तो उन्हें नए सिरे से निर्माण करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शासन को राजस्व का भी लंबा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इधर नजूल विभाग में दो महीने पहले तक 12 सौ से ज्यादा प्रकरण लंबित पड़े थे। इनमें से साढ़े चार सौ नजूल प्रकरणों का निपटारा करते हुए नवीनीकरण कर दिया गया है। नजूल भूमि और उस पर बने आवासगृहों का पट्टा अवधि खत्म हो जाने के बाद लंबे समय से नवीनीकरण नहीं हो पा रहा था। दरअसल पट्टाधारियों ने पट्टे की शर्तों के विपरीत भू-खंड का उपयोग परिवर्तित कर लिया था। जिसके चलते सैकड़ों भूखंडों पर तो निर्माण कार्य हो पा रहे थे और ही टाउन प्लानिंग से इनका नक्शा पास नहीं हो पा रहा था। नवीनीकरण नहीं होने से बड़ी संख्या में इन आवास गृहों का क्रय विक्रय भी नहीं हो पा रहा था। भवन निर्माण की दशा में बैंकों ने भी फाइनेंस करने से हाथ खड़े कर दिए थे।
डेढ़ साल पहले राजस्व विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि भूखंड का स्वरूप पूर्ण रूप से या आंशिक तौर पर परिवर्तित किया है और यह अनुमोदित विकास योजना के अनुरूप है तो पट्टे का रिनुअल किया जा सकता है।
कलेक्टर अंकित आनंद ने बताया कि नजूल के व्यक्तिगत प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश उन्होंने दिए थे, जिसके बाद महीने भर में करीब साढ़े चार सौ प्रकरणों का निपटारा किया गया है। यह संख्या पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है। अब व्यक्तिगत प्रकरणों पर सुनवाई बहुत जरुरी होने पर ही की जाएगी। इसके लिए संबंधित आवेदक नजूल अधिकारी, अपर कलेक्टर और वहां भी काम नहीं होने पर सीधे कलेक्टर से मिल सकता है। इसके अलावा आरआई को निर्देश दिए गए हैं कि किसी एक नजूल शीट में मिले आवेदन का निपटारा करें साथ ही उस शीट में दर्ज सभी नजूल पट्टों का नियमानुसार नवीनीकरण करें भले ही उन्होंने आवेदन नहीं दिया हो।