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जिला पंचायत पर कब्जे के लिये भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने

6 वर्ष पहले
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त्रिस्तरीयपंचायत चुनाव के तहत जिला पंचायत में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन के लिये कांग्रेस एवं भाजपा में बराबरी की स्थिति के बाद निर्दलीय प्रत्याशियों पर सारा दारोमदार टिका हुआ है।

जिला पंचायत बीजापुर में 10 सीट के लिये हुए चुनाव में कांग्रेस भाजपा के 4 - 4 और 2 स्थानों पर निर्दलियों के जीतने से समीकरण एकदम से बदल गया है। दूसरे चरण में भाजपा ने वापसी करते हुए मद्देड़ आवापल्ली सीट जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला खड़ा किया है जिसके कारण चुनाव चुनाव दिलचस्प हो गया है। गंगालूर क्षेत्र से जीती निर्दलीय प्रत्याशी के कांग्रेसी खेमे में आने से फिलहाल कांग्रेस का पलड़ा भारी नजर रहा है। मद्देड़ क्षेत्र से वर्तमान जिला पंचायत उपध्याक्ष मिच्चा मुतैया के हारने से कांग्रेस का समीकरण थोडा बिगडा जरुर है लेकिन तिमेड़ क्षेत्र से जीतने वाले निर्दलीय प्रत्याशी बंसत राव ताटी का समर्थन मिलने पर कांग्रेस अपना अध्यक्ष निर्वाचित करा सकती है। फिलहाल दोनों दल जोड़-तोड़ की राजनीति में लगे हैं। वर्तमान स्थिति में निर्दलीय प्रत्याशी ही कांग्रेस एवं भाजपा के अध्यक्ष के भाग्य का फैसला कर सकते है। कांग्रेस की ओर से वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष नीना रावतिया अध्यक्ष पद के लिये प्रबल दावेदार है। वहीं भाजपा से जमुना सकनी का नाम सामने रहा है।

वर्तमान चुनाव में तिमेड़ क्षेत्र से जीते बंसत राव ताटी की भूमिका महत्वपुर्ण हो गई है। बंसत राव ताटी पूर्व में जिला पंचायत का उपाध्यक्ष रह चुके हंै। वर्तमान में वे फिर से उपाध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैै। भाजपा की ओर से भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष जगदीश कोंड्रा एवं कांग्रेस की ओर से मिच्चा मुतैया के हारने से दोनों दलो को नुकसान उठाना पड है।

कांग्रेस एवं भाजपा को जिला पंचायत में बहुमत के लिये निर्दलीय प्रत्याशियों पर निर्भर होना पड़ गया है। जिसके कारण निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। वर्तमान स्थिति में उपाध्यक्ष का पद इस बार भोपालपटनम क्षेत्र को जाता दिखाई दे रहा है। वर्तमान उपाध्यक्ष मिच्चा मुतैया भी इसी क्षेत्र के है। अध्यक्ष कोई भी बने लेकिन उपाध्यक्ष का पद निर्दलीय प्रत्याशियों को जाता दिख रहा है।

उपाध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार बंसतराव ताटी राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी है उनके निर्णय पर जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का पद निर्भर करेगा। फिलहाल भाजपा कांग्रेस दोनों दल समर्थन जुटाने के लिये जोड़-तोड़ की राजनीति में लगे है।

जेल में रहकर जीता चुनाव

जिलापंचायत क्षेत्र क्रमांक 10 उसूर क्षेत्र से कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार कमलेश कारम जेल में रहते हुए जिला पंचायत का चुनाव जीतने में सफल रहे। एक पुराने मामले को लेकर पुलिस ने कमलेश कारम को चुनाव के दौरान गिरफतार किया था। चुनाव में अपने समर्थको के बल पर कमलेश आखिर चुनाव जीतने में सफल रहे। चुनाव के ठीक एक दिन पूर्व वे जमानत पर रिहा किये गए थे।