रानी मंदिर में हुई अगहन बृहस्पति पूजा
छुईखदान|प्राचीन रानीमंदिर में अगहन बृहस्पति पूजा सामूहिक रुप से विधि-विधान से महिलाओं ने की। राज परिवार की लता वैष्णव ने बताया कि मां लक्ष्मी की स्थापना आंवले की डाल से मंडप सजाकर, दीप चलाकर की जाती है। इसके पूर्व बुधवार से तैयारी जारी रहती है जिसमें घर को गोबर से लेपन, रंगोली आदि से सजाया जाता है। घर के प्रवेशद्वार, पूजा स्थल पर मां लक्ष्मी के चरण बनाए जाते हैं। गुरुवार को सुबह सूर्योदय के पूर्व स्नानादि कर पूजन किया जाता है फिर दोपहर में कथा वाचन किया जाता है। जिसमें श्याम बाला की कथा, नल दमयंती की कथा, जगन्नाथ बलभद्र की कथा, सीरिया-पीरिया की कथा, ब्राहम्ण बहनों की कथा, सोने के आंवला की कथा, मिटटी के गाय-बैतरणी पार लगाए आदि कथा अलग-अलग तिथि में पढ़ा जाता है। बाद में प्रसाद वितरण किया जाता है। इस दौरान रंजना सिंह, कुमारी चौबे, सत्या सोनी, कमला रजक, किरण गुप्ता, पार्वती यादव, सुरेखा महोबिया, सावित्री सोनी, प्रणीता वैष्णव, प्रेमलता वैष्णव, संगीता वैष्णव, नीलम बख्शी, अंजू चंद्राकर, जानकी राजपूत पदमिनी वैष्णव आदि उपस्थित थे।