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एक साल में ही टूट गए स्नानागार और शौचालय के दरवाजे

7 वर्ष पहले
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उड़ियापारा वार्ड-23 स्थित सार्वजनिक शौचालय की सफाई नहीं होने से गंदगी फैली हुई है। अब लोग इसका उपयोग करना भी धीरे-धीरे बंद कर रहे हैं। वर्ष 2008 में इस सुलभ शौचालय का निर्माण वार्डवासियों की मांग एवं उनकी निस्तारी की समस्या को देखते हुए किया गया था। एक साल बाद ही स्नानागार शौचालय के दरवाजे टूट कर अलग हो गए हैं। इससे महिलाओं को परेशानी हो रह है।

बाथरूम के सामने फर्श पूरी तरह उखड़ गई है। दीवारों पर दरारें पड़ने के चलते जहरीले जीवजंतु घुसने का डर बना रहता है। पूर्व नगर पालिका के कार्यकाल में निर्मित यह शौचालय जर्जर हो गया है। जगह-जगह गंदगी फैलने से बदबू उठने लगी है। वार्डवासी किशन, परसादी रेवा ने बताया कि सुलभ की नियमित सफाई नहीं होने के कारण वार्ड के लोग अब यहां जाना भी पसंद नहीं कर रहे हैं। लोग अपने घरों में ही शौचालय का निर्माण कर रहे हैं। यही हाल बस स्टैंड स्थित सुलभ शौचालय का भी है। वार्डवासी 80 रुपए का कार्ड बनवाकर भी इसमें जाने से कतराने लगे हैं। सुलभ के ज्यादातर शौचकक्ष के दरवाजे टूटे होने के कारण सीमेंट की बोरी का परदा लगाया गया है। जबकि बस के ड्रायवर, कंडक्टर, मुसाफिर वार्डवासियों के सुलभ का उपयोग करने से अच्छी आय अर्जित हो जाती है इसके बावजूद सुविधा की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।