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तेंदुआ पकड़ने दल्ली खदान पहाड़ी के नीचे वन विभाग ने लगाया पिंजड़ा

7 वर्ष पहले
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श्रमिकबस्ती केम्प 1 क्षेत्र में दल्ली खदान पहाड़ी के नीचे क्षेत्र में सप्ताह भर से आतंक मचाने वाले तेंदुए को पकड़ने वन विभाग ने दो दिन से पिंजड़ा लगा रखा है। पिंजड़े में तेंदुए को कैद करने कुत्ते के 2 पिल्लों को शिकार के रूप में डाला गया है। विभाग का मानना है कि कुत्ते के दोनों बच्चे आपस में झगड़ने के बाद उनकी आवाज को सुनकर तेंदुआ पिंजड़े की ओर शिकार करने आएगा और वह आसानी से पिंजड़े में कैद हो जाएगा। पिंजड़े को डम्फर गैरेज के समीप दल्ली खदान के पहाड़ी के नीचे झुरमुट के बीच में रखा गया है। ताकि पहाड़ की ओर से उतरने वाला तेंदुआ पिंजड़े में आसानी से फंस सके। वार्डवासी हेमंत, रामलाल गिरजा बाई ने बताया कि सप्ताहभर से रात 12 बजे के आसपास तेंदुआ पहाड़ी क्षेत्र से उतरकर शहीद अस्पताल के सामने स्थित वार्ड 14 वार्ड 11 के बस्तियों में आतंक मचा रहा है। इससे लोग दहशत में रात को बाहर निकलने में भी कतराने लगे हैं।

23नवंबर को पकड़ाया था तेंदुआ: 23नवंबर को कोकान माइंस जंगल के बीच स्थित पहाड़ी क्षेत्र में सीआईएसएफ जवानों के खोजी कुत्तों पर हमला करने की कोशिश करने वाले 3 साल की मादा तेंदुए को वन विभाग ने पिंजड़ा लगाकर पकड़ा था। बाद में उसे भोरमदेव कवर्धा के अभ्यारण्य में छोड़ा गया।

बीएसपी कर्मी भी दहशत में

बीएसपीखदान में काम करने के बाद सेकंड पाली की ड्यूटी से छूटकर आने वाले बीएसपी कर्मी भी तेंदुए की चहलकदमी अथवा आतंक से दहशत में है। उन्हें सुनसान पहाड़ी किनारे के रास्ते से आना पड़ता है। लगभग 1 किलोमीटर की दूरी तय कर उन्हें केम्प 1 की बस्ती में पहुंचने के बाद शहर की सीमा मिलती है।

शाम होते ही वार्ड-14 में हो जाता है सन्नाटा

पहाड़ीसे लगे होने के कारण वार्ड-14 में सूरज ढलने के बाद जैसे-जैसे रात होने लगता है वैसे-वैसे लोगों में तेंदुआ का भय बना रहता है। वार्डवासियों ने बताया कि रात में उनकी बाड़ी में तेंदुए की आवाज सुअरों के लड़ने या हमला करने की आवाज सुनाई देती है। दो दिन पूर्व तेंदुआ ने एक सुअर को जान से मारकर कुछ दूर तक घसीट कर छोड़ दिया था।

दस्तक देने वाले स्थानों पर लगाए गए पिंजड़े

^वार्डवासियोंकी मांग पर तेंदुआ की दस्तक देने वाले स्थानों पर दो दिन से पिंजड़ा लगा दिया गया है। हालांकि अभी तक तेंदुआ पिंजड़े में कैद नहीं हो पाया है।\\\'\\\' एसकेअल्बर्ट, डिप्टीरेंजर, दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र

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