बसों में अब तक नहीं लगी किराया सूची
यात्री बसों में किराया सूची चस्पा नहीं कर संचालक शासन के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। दल्लीराजहरा से दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, मानपुर, बांदे, कोंडागांव, कांकेर बस्तर की ओर जाने वाली यात्री बसों में किराया सूची नहीं होने से यात्रियों में निर्धारित किराया दर को लेकर असमजंस की स्थिति बनी रहती है। बसों में स्टापेज गांव की दूरी के हिसाब से किराया सूची भी आज तक बसों में नहीं लगाई गई है। इसे लेकर कई बार कंडक्टर यात्रियों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती है। अधिकतर विवाद ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों के साथ होती है।शासन ने यात्रियों से मनमाने तरीके से किराया वसूलने की शिकायत के बाद बस ऑपरेटर कंडक्टरों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से बस मिनी बसों में सफेदा लगाकर अधिकृत लिखना अनिवार्य कर दिया है। यात्री वाहनों में बस मालिक का नाम, ड्राइवर का नाम एवं उनका मोबाइल नंबर अंकित रहना भी अनिवार्य है। साथ ही बसों में किराया सूची अंकित किया जाना है। प्रशासन की ओर से बस संचालकों को आदेश मिले कई माह गुजर गए हैं लेकिन बस आपरेटर इस का पालन नहीं कर रहे हैं।यात्री हेमंत, मनोज, रेवती ने बताया कि दल्लीराजहरा से दुर्ग तक किराया स्पष्ट नहीं होने के कारण शहरी ग्रामीण यात्री अपने आपको ठगे महसूस कर रहे हैं। बस कंडक्टर किराए के नाम से मनमानी कर रहे हैं। यात्रियों ने बताया कि विवाद होने पर उन्हें आधे रास्ते पर ही बस से उतार देने की धमकी देते हैं