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नवरात्र 25 से, जगह-जगह सजने लगे देवी के पंडाल
{इस साल बनाई गई है 10 से 30 हजार रुपए की प्रतिमाएं।
{ रंगीन झालरों से की जा रही है देवी मंदिरों की सजावट।
भास्करन्यूज|दल्लीराजहरा
नगरसहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शारदीय नवरात्र महोत्सव की तैयारी जोरों से चल रही है। समितियां 25 सितंबर से शुरू होने वाले पर्व में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने पंडाल निर्माण करने की तैयारी में जुट गई हैं। वहीं मूर्तिकार भी माता की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं।
ज्ञानू प्रेट्रोल पंप के समीप दुर्गा प्रतिमा बनाने वाले कोलकाता मूर्ति सेंटर के कलाकार युधिष्ठिर पाल कृष्णापाल ने बताया कि उन्हें इस साल 50 से भी अधिक दुर्गा की मूर्ति बनाने का आर्डर शहर एवं आसपास के गांव साल्हे, चिखली, कोटागांव, महामाया, डौण्डी, चिखलाकसा, अरमुरकसा से मिला है। वे सबसे अधिक महंगी मूर्ति 31 हजार रुपए की प्रतिमा का आर्डर हाई स्कूल सेक्टर समिति के पदाधिकारी नारायण राव एवं ललित जॉन से मिला है। नगर के विभिन्न धार्मिक स्थलों मंदिरों, माता देवालयों एवं सार्वजनिक दुर्गा समितियों के स्थलों पर नोकामना ज्योति कलश, जोत-ज्वारा तथा मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना की तैयारी में लगे हुए हैं। राजहरा बाबा, शनिदेव मंदिर, रेलवे स्टेशन समीप दुर्गा मंदिर शीतला मंदिर, झरन मंदिर, चंडी मंदिर, महामाया मंदिर, किल्लेवाड़ी मंदिर, श्रीराम मंदिर, आजाद चैक, निर्मला सेक्टर, फव्वारा चैक के समीप नवदीप दुर्गोत्सव समिति, कैंप 1, पंडरदल्ली, गुप्ता चैक, अनिल प्रिंटिंग प्रेस चैक, रेलवे कालोनी, गांधी चैक, कोकान घाटी मंदिर, घोड़ा मंदिर, नारायणी मंदिर सहित नगर के विभिन्न मंदिरों दुर्गा पंडालों में सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समितियों द्वारा प्रतिमा स्थापना की तैयारी में जुटे हुए हैं। मंदिरों माता देवालयों में रंगरोगन लाइटिंग से सजाया जा रहा है। ग्राम कारूटोला, साल्हे, चिखली, कारूटोला, गिधाली, बकलीटोला, धुर्वाटोला, पोपलाटोला में पहाड़ी पंडवान देव मंदिर में भी तैयारी चल रही है।
पर्व के दौरान मानसगान, जसगीत, छत्तीसगढ़ी नाचा, रामधुनी प्रतियोगिता होंगे। सार्वजनिक दुर्गा दशहरा उत्सव समिति गांधी चौक के तत्वावधान में 25 सितंबर को घट स्थापना एवं मां दुर्गा प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। मां शैलपुत्री, मां ब्रम्हचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता मां कात्यायनी, मां कालरात्रि