यूनियन ने टाउनशिप की बताई समस्याएं
एसकेएमएसयूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने नगर प्रशासन वीके श्रीवास्तव को टाउनशिप की समस्याएं बताई। सात सूत्री मांग पत्र भी सौंपा। नगर की सड़कों पर पालतू आवारा मवेशियों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने, मवेशी मालिकों पर उचित कार्रवाई करते हुए इन जानवरों को कांजी हाउस भेजने की मांग की गई। आवारा कुत्तों का झुंड टाउनशिप क्षेत्र में कहीं पर भी देखा जा सकता है। ये आवारा कुत्ते झुंड में हमला कर रहे हैं। इन कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण लगाया जाए।
टाउनशिप के क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारी बारिश में सीपेज से परेशान हैं। छतों की मरम्मत करवाने, सिवरेज लाइन का कार्य प्राथमिकता से करवाने की मांग की गई। चैन लिंक फेनसिंग का काम 2 साल से नहीं हो रहा है। जिन घरों में चैन लिंक फेनसिंग नहीं है उन क्वार्टरों के कर्मचारियों को हर साल लगभग 5 हजार रुपए खर्च करके घेरा लगाना पड़ता है। बचे हुए सभी क्वार्टरों में एक साथ चैनलिंक फेनसिंग का काम करवाया जाए। सड़कों के किनारे नालियों में उगे खरपतवार झाडि़यां की सफाई करने की मांग की गई। नालियों की सफाई नहीं होने के कारण गंदगी फैल रही है। बारिश का पानी नाली में जमा होने से कीड़े मच्छर पनप रहे हैं। इससे बीमारी फैलने की आशंका है। नालियों की साफ-सफाई डीडीटी का छिड़काव करना जरूरी है। नगर प्रशासक श्रीवास्तव ने सड़क पर आवारा पशुओं के विचरण करने संबंध में नगर पालिका से चर्चा करने की बात कही। उन्होंने कहा कि लीकेज छतों की मरम्मत के संबंध में प्रपोजल चल रहा है। इसके लिए अतिरिक्त बजट आया है। इसे दो माह के अंदर करवा दिया जाएगा। चेनलिंक फेनसिंग का काम एक साथ करने के लिए आईपीक्यू कमेटी वित्त विभाग को भेजा गया था, लेकिन बजट ज्यादा होने के कारण एक बार में नहीं करवाया जा सका। उन्होंने कहा कि वे 50 लाख रुपए अतिरिक्त बजट प्रावधान कर इस काम को अलग से प्रयोजन बनाकर भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि टाउनशिप में सर्वे करवाकर इस काम को अंजाम दिया जाएगा।