- Hindi News
- टाउनहॉल की सुविधा के लिए 3 महीने और करना पड़ेगा इंतजार
टाउनहॉल की सुविधा के लिए 3 महीने और करना पड़ेगा इंतजार
सर्वसुविधायुक्त होगा भवन। बनाए जा रहे हैं खिड़की-दरवाजे।
भास्करन्यूज|बालोद
बालोदके नागरिकों को मंगल भवन (टाउन हॉल) की सुविधा लगभग 3 माह बाद मिलना शुरू हो जाएगा। मंगल भवन का निर्माण कार्य अभी जारी है। यह भवन एक करोड़ की लागत से बन रहा है। इसके बन जाने से शहरवासियों को विवाह एवं अन्य समारोह के सुगमतापूर्वक आयोजन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। गौरतलब है कि वर्तमान में सुविधायुक्त मंगलभवन नहीं होने से लोगों को बड़े आयोजन करने में परेशानी हो रही है। शहर में लगभग 25 हजार नागरिक हैं। जनसंख्या के हिसाब से यहां आयोजन स्थल के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने से दिक्कत हो रही है। कई घरों मे एक ही साथ बड़े आयोजन होने पर लोगों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।
बालोद-दल्लीराजहरा मार्ग पर काॅलेज के ठीक पहले पीडब्लूडी कालोनी किसान राइस मिल के सामने मंगल भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। वर्तमान में सेकंड फ्लोर में टाइल्स बिछाने का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। वहीं खिड़की, दरवाजे का निर्माण कार्य हो रहा है। इसी प्रकार मंगल भवन के चारों ओर बाउंड्री लाइन (अहाता) का निर्माण कार्य भी चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार एक माह बाद रंग-रोगन (पेंटिंग) का लगभग 40 मजदूर कार्यरत हैं।
^निर्माण कार्य अभी चल रहा है। पोताई का कार्य शुरू होने वाला है। जनवरी तक निर्माण कार्य पूर्ण होने की संभावना है।” खुमानकश्यप, सीएमओ,नपा बालोद
पुराने टाउनहॉल को कलेक्टोरेट भवन के लिए चुना गया
गौरतलबहै कि नागरिकों को सुविधा देने के लिए पहले शहर के बीच में टाउनहाल बनाया गया था, लेकिन जिले का दर्जा मिलने के बाद इसका उपयोग जिला कार्यालय के लिए किया जा रहा है। जिला कार्यालय के लिए शहर में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण वर्तमान मे नए कलेक्टोरेट भवन का निर्माण कार्य आदमाबाद रेस्ट हाउस के तांदुला बांध के किनारे चल रहा है। शहर के बीच में स्थित कलेक्टोरेट को ही पहले मंगल भवन बनाया गया था, जिसे बाद में कलेक्टोरेट भवन के लिए चुना गया, जो अभी तक इसी में संचालन हो रहा है।
ऐसे होगा नया मंगल भवन
नयामंगल भवन दो मंजिला होगा। जि सके तल में दो प्रवेश द्वार, विशाल सभागार के साथ ही बैडमिंटन कोर्ट, दो रूम स्टेज की सुविधा होगी। जहां से सीढ़ी के माध्यम से प्रथम तल पहुंच मार्ग होगा। जहां मध्य में हाल तथा छह कमरों का निर्माण अलग-अलग आ