किल्लेकोड़ा स्कूल में भी मनाई गई बसंत पंचमी
जीवन में अच्छाई को चुनकर बुराई से हमेशा रहें दूर: पूर्णिमा
कपालपोड़ी गांव में बसंत पंचमी महोत्सव 16 को
शिक्षा और सरस्वती का अनुपम संबंध
छात्र-छात्राओं ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुति, सभी ने की सरस्वती वंदना
भास्कर न्यूज|दल्लीराजहरा
सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में शनिवार को बसंत पंचमी उत्सव मनाई गईा। मुख्य अतिथि नगर पंचायत चिखलाकसा अध्यक्ष हितेश्वरी कोठारी ने कहा कि आज के दिन हम मां सरस्वती के जन्मदिवस के रूप में मनाते हैं।
उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र-छात्राआें के संस्कार व अनुशासन की प्रशंसा की। विशेष अतिथि प्रजापति ब्रम्हाकुमारी विश्वविद्यालय की पूर्णिमा बहन ने कहा कि सफेद वस्त्र सादगी व पवित्रता का प्रतीक है। मां सरस्वती का वाहन हंस है जो मोती को चुनता है और पत्थर, कंकड़ को अलग कर देता है। उसी प्रकार हमें भी अपने जीवन में अच्छाई को चुनकर बुराई से दूर रहना चाहिए।
आचार्य संतोष साहू ने कहा कि आज के दिन सरस्वती मां की पूजा की जाती है जिसे ज्ञान प्राप्त करना है उसे सरस्वती मां की पूजा करनी चाहिए। आचार्य राधेलाल निर्मलकर ने कहा कि वसंत पंचमी को हम समर्पण दिवस के रूप में मनाते हैं। यह समर्पण राशि वनांचल क्षेत्र जहां शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाओं से दूर है वहां इस राशि भेजा जाता है। अध्यक्षता मंजू टाटिया ने की। कार्यक्रम में नपा उपाध्यक्ष रूखसाना बेगम सुशीला व पार्षद नीतू कोरेटी ने भी संबोधित किया। मां सरस्वती की पूजा अर्चना की गई। शाल प्रतिवेदन अशोक टाटिया ने प्रस्तुत किया। छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। संचालन सुप्रिया ठाकुर एवं आभार प्रदर्शन सुमन शर्मा ने किया। इस अवसर पर राकेश कोसरे, खेमिन साहू, दुखम नारनवरे सहित शिक्षक-शिक्षिका एवं बच्चे उपस्थित रहे।