बेटी बचाने के लिए पहल करें जनप्रतिनिधि
समाजसेवी शिरोमणी माथुर ने कहा- बेटियां डरी नहीं है बस उनके साथ कोई खड़ा नहीं हो रहा
बैठक
कांग्रेस भवन में शुक्रवार को कलेक्टोरेट घेराव, किसान आमसभा व आक्रोश रैली की तैयारी को लेकर राजनीतिक बैठक हुई। 22 फरवरी को होने वाले आंदोलन पर चर्चा की गई। इसी दौरान दल्लीराजहरा की समाजसेवी शिरोमणी माथुर ने नेताओं को महिलाओं के बारे में चिंता करने के लिए कहा।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला, विधायक भैयाराम सिन्हा, अनिला भेंडिया, जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर, उपाध्यक्ष संजय चंद्राकर सहित अन्य नेता कुछ देर के लिए शांत होकर महिला की बातें ध्यान से सुनते रहे। सभी ने इस दिशा में कदम उठाने सहमति दी।
सरकार से लेंगे बदला
जिला अध्यक्ष शुक्ला ने कहा कि जितने भी किसान आत्महत्या किए हैं, सभी का बदला सरकार से लेंगे। 22 फरवरी को प्रदेश अध्यक्ष के साथ मिलकर लड़ाई लड़ेंगे। पूरे जिले में भाजपा सरकार द्वारा किसानों के साथ की जा रही वादाखिलाफी का विरोध करेंगे।
साहस करना जरूरी
माथुर ने कहा कि मेरी भावनाओं को समझो। आज ध्यान देने की जरूरत है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। हम किस ओर कदम बढ़ा रहे हैं। महिलाओं की इज्जत करो। कही कुछ हो रहा है तो साहस करो और सामने आओ। तुम्हारे साथ और भी लोग आएंगे।
बेटियों के साथ हुई घटनाओं का दिया उदाहरण
बेटियों के साथ हाल ही में घटित घटनाओं के उदाहरण देते हुए माथुर ने कहा कि अवंतरा कांड, झरिया कांड के बाद हाल ही में भिलाई में भी एक ऐसा मामला आया। जिसमें एक बेटी दुनिया छोड़ने को मजबूर हो गई। उसे न्याय नहीं मिला। क्योंकि उनके साथ कोई खड़ा नहीं हुआ। जो साहस करे और कहे की अब ऐसा नहीं होने देंगे। इस मौके पर पूर्व विधायक डोमेन्द्र भेंडिया, वरिष्ठ नेता पुरुषोत्तम पटेल, जनपद सदस्य पुष्पेन्द्र तिवारी, नपा अध्यक्ष विकास चोपड़ा, जिला कांग्रेस सचिव रविप्रकाश यादव, हस्तीमल सांखला, पदमनी नन्नू साहू, हसीना बेगम तिगाला, चंद्रेश हिरवानी उपस्थित थे।
सभी के मन को झकझोरा
शिरोमणि ने आज लड़कियों की स्थिति बताते हुए ऐसी बाते सामने रखी जिसने सभी के मन को झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियां डरी नहीं है, बस उनके साथ कोई खड़ा नहीं हो रहा है। बच्चे किस ओर जा रहे हैं।
बालोद। कांग्रेस भवन में बैठक में मौजूद शिरोमणी माथुर व अन्य।