बजट में कटौती, मनरेगा के सारे काम बंद
मनरेगा की स्थिति
केन्द्र सरकार ने मनरेगा बजट में कर दी कटौती,पौधारोपण,भूमि सुधार से लेकर अनेक निर्माण कार्य बंद।
भास्करन्यूज|धमतरी
केन्द्रसरकार ने प्रदेश जिलों को मिलने वाले मनरेगा बजट मे कटौती कर दी है। जिले में इसका व्यापक असर पड़ा है। जिले में मनरेगा के सारे काम बंद हो गए है। यहां 55 फीसदी बजट की कटौती हुई है। बजट में बड़ी राशि कट जाने से काम तो बंद हुआ साथ ही मजदूर भी खाली हो गए है।
बजट कटने से विकास के लिए बनाई गई योजना अधर में लटक गया है। बजट में अनुमोदित काम बंद हो गए हंै। सिंचाई,पौधारोपण,राजीव गांधी सेवा केन्द्र निर्माण,नरेगा 2 के कार्य,भूमिसुधार,शौचालय निर्माण,गहरीकरण,मुरूम,मिट्टी आदि कार्य बंद पड़े है। बजट मंे बड़ी राशि कट जाने से काम अवरूद है,जिन्हें शुरू करने अधिकारी प्लानिंग कर रहे हंै। निर्माण कार्यो पर ज्यादा असर पड़ेगा। भवन निर्माण बुरी तरह प्रभावित होगा। पौधारोपण की योजना भी अटक जाएगी। ग्रामीणों के लिए मनरेगा प्रमुख रोजगार का साधन है। गांव-गांव में काम खोलकर गांव के मजदूरों को काम दिया जाता है। अचानक काम बंद होने से ग्रामीणों में भी मायूसी देखी जा रही है। ग्रामीणों काे फिलहाल काम के लाले पड़ गए है। मनरेगा शाखा के एपीओ धरम सिंह ने बताया कि फिलहाल मनरेगा के सारे काम बंद है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में आगे काम की प्लानिंग होगी।
कैसेमिलेगा 150 दिन रोजगार
ग्रामीणक्षेत्राें के मजदूरों को मनरेगा के तहत पर्याप्त काम मिल जाता था। बजट कम होने से अब गांव के मजदूरों को काम के लाले पड़ जाएंगे। पहले से ही पर्याप्त काम नही मिलने की शिकायत होती रही है। अब यह समस्या और बढ़ जाएगी। मनरेगा मजदूरों की संख्या सवा लाख से अधिक है। 90 हजार मजदूर काम की डिमांड करते है। अब यह भी समस्या हो जाएगी कि किस गांव का कौन सा काम शुरू करे।
बजटपर एक नजर
2014-15मंे जिला पंचायत के मनरेगा शाखा द्वारा 143 करोड़ 87 लाख रूपए का लेबर बजट तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। मंजूरी भी मिल गई थी। केन्द्र द्वारा कटौती करने के बाद राशि अाधे से भी कम हो गया है। मनरेगा शाखा के अनुसार बजट 70 करोड़ हो गया है। इस तरह जिले की बजट में 55 से 57 फीसदी की कटौती हुई है।
धमतरी. गांवों में नहीं चल रहा मनरेंगा काम। फाईल फोटो
राजीव गांधी सेवा केन्द्र पर ग्रहण
जिलेकी सभी ग्राम पंचायतों में प