बड़ी बीमारी के लक्षण
शहरियों को बीमारी परोस रही धूल भरी सड़कें
सड़कोंसे उठ रही धूल इन दिनों शहर के लिए सबसे बड़ी बीमारी बन गई है। दिन भर धूल के गुबार के कारण शहर की सड़कों पर चलने वाले लोग सांस, एलर्जी, माइग्रेन, सिर दर्द के शिकार हो रहे हैं। इन दिनों सड़कों से उड़ यह बीमारी ज्यादा खतरनाक हो गई है। दिन में तेज धूप और रात में ठंड के कारण लोग सर्दी, जुकाम, बुखार से जूझ ही रहे हैं, धूल ने इसमें कई और बीमारियां जोड़ दी हैं।
शहर के प्रवेश द्वार से ही लोगों को धूल का सामना करना पड़ता है। सड़कों में उड़ने वाली धूल दुपहिया वाहन चालकों के साथ राहगीरों के लिए खतरनाक साबित हाे रहा है। लाेग आंख रगड़ते डाक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। हाईवे के साथ स्टेट हाईवे की धूल ने भी लाेगों को परेशान कर दिया है। दानीटोला मार्ग में तो इस कदर धूल उड़ती है कि कई दफे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। रुद्री रोड पर चलना सबसे ज्यादा तकलीफदेह है। सड़क इतनी बदतर है कि स्वस्थ व्यक्ति भी लगातार गुजरे तो बीमार पड़ जाए। ऐसे में धूल शहरवासियों की दिनचर्या में शामिल हो गई है। यही वजह है कि यह धूल अब घरों में “बीमारी” बनकर समा रही है। निगम प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा लाेगों को भुगतना पड़ रहा है। अंाबेडकर चौक से होकर ब्रम्हचौक होते हुए दानीटोला मार्ग से सिहावा चौक जाने वाली भारी वाहनाें की गुजरते वक्त तो 100 मीटर की दूरी देख पाना भी मुश्किल हो जाता है। मार्ग में गोकुलपुर, रामपुर, विंध्यवासिनी वार्ड भी आता है। धूल से परेशान लोग घरों का दरवाजा चौबीस घंटे बंद रखते हंै।
धूलसे दिल को खतरा
विशेषज्ञडॉ मनमोहन वैष्णव ने बताया कि आंख, नाक, कान से धूल शरीर में भर जाती है। कई दिनों ऐसा हो तो आंखों में नमी कम हो जाती है और सांस भारी सी लगती है। नींद का चक्र पूरा नहीं होता ,जिससे दिल के लिए खतरा बढ़ जाता है।
धमतरी.शहर में उडती धूल से लोगों को हो रही भारी परेशानी।
मसीही अस्पताल अधीक्षक डॉ संदीप पटौंदा ने बताया कि शहर में इन दिनों हर ओर धूल है। ऐसे में खुजली, एलर्जी, छींक और अस्थमा के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लंबे समय बाद लोग सिलीकोसिस बीमारी की चपेट में भी सकते हैं। लगातार फेंफड़ों में धूल जमा होने से फेफड़े कमजोर होने लगते हैं। इसके घातक परिणामों में टीबी जैसा रोग भी सामने सकता है। धूल के कणों के साथ कीटाणु जाने से जुकाम