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मेट्रो सिटी बनाने के पहले सदर में सुधारें व्यवस्था
बडे़ शहरों की तर्ज पर यहां की सड़कें चौड़ी करने की मांग नागरिकों ने की।
भास्करन्यूज| धमतरी
बड़ेशहरों का विकास मार्ग चौड़ीकरण करने से ही स्वत: हो गया। बाकी का काम आम नागरिक और व्यापारी कर लेते हैं। स्मार्ट सिटी बनाने के लिए कुछ कुर्बानी भी देनी पड़ती है। यहां तो ऐसा कुछ भी नहीं दिख रहा है। अपने स्वार्थ को दरकिनार कर प्रशासन का सहयोग नागरिकगण करें तो शहर विकास को कोई नहीं रोक सकता। तंग गलियों में विकास नहीं होता। बड़े व्यापारी ऐसे जगहों पर जाना पसंद नहीं करते। दूसरे छोटे शहरों के ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए चकाचौंध जरुरी है। दशक पहले की स्थिति कुछ और थी। अब समय बदल गया है। लोग विकसित सिटी की ओर आकर्षित होते हंै। शहर के आम नागरिक इस ओर ध्यान दिलाते रहे हैं।
नागरिकों का कहना है कि शहर विकास अपने हाथों पर है। प्रशासन तो सहयोग करता है हम जैसा चाहें शहर बसा सकते हंै। मन में दृढ़ संकल्प होना चाहिए। दो दशक से बदलाव के लिए कोई तैयार नहीं है। बातें सभी करते हंै लेकिन अमल में लाने के समय सब पीछे हट जाते हैं। कोई नहीं चाहता कि उनके निजी हितों पर कुठाराघात हो। प्रशासन भी असहयोगत्मक रवैये से शांत हो जाता है। शहर विकास के लिए अब तो सदर बाजार का चौड़ीकरण निहायत जरुरी है। इस संबंध में आम नागरिकों ने अपनी राय व्यक्त की है जो इस प्रकार है।
धमतरी.सदर बाजार की तंग गलियों में बेतरतीब वाहनों से लगता है जाम
विकास के लिए नुकसान
कंपनीडायरेक्टर सीएन राय ने कहा कि अपनी कंपनी को ऊंचा उठाने के लिए हम लोगों ने भी काफी कुर्बानियां दी है। हमारे साथियों ने दिन-रात मेहनत की है। सदर बाजार के व्यापारियों को भी अपने व्यापार विकास के लिए सदर बाजार चौड़ीकरण में प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। आपसी मतभेद और निजी स्वार्थ काे भुलाकर भावी पीढ़ी के लिए जगह तैयार करना चाहिए। लेकिन ऐसा कुछ यहां नहीं दिखता। सदर बाजार का चौड़ीकरण यहां कभी नहीं हो सकता। यहां राजनीति हावी है और वे व्यापारियो को अंधेरे में रख रहे हैं। चौड़ीकरण स्मार्ट सिटी बन सकता।
पर्दे के पीछे की राजनीति
प्राईवेटएंपलाई सौरभ चौहान का कहना है कि शहर विकास में व्यापारियों का बहुत बड़ा योगदान रहता है। प्रशासन तो उनका सहयोग बस कर सकता है। व्यापारी चाहें तो सदर चौड़ीकरण हो सकता है लेकिन शहर में कुछ ऐसे भी तत्व हंै जो पर्दे के पीछे रहकर अपनी राजनीति कर रहे हंै। वे नहीं चाहते कि यहां का व्यापार बढ़े, लोगों का जीवन स्तर सुधरे, धमतरी मेट्रो सिटी की गिनती में आए। इतने दिन से सदर बाजार का चौड़ीकरण का मामला रूका है, वह व्यापारियों के कारण नहीं, नेताओं के कारण रूका है। वे क्या चाहते हंै स्पष्ट बता भी नहीं रहे हैं। नागरिक तो चाहते हैं कि सदर बाजार का चौड़ीकरण हो।