जी का जंजाल बनी रेत खदानें
कलेक्टर के आदेश की परवाह नहीं
कलेक्टरभीमसिंह ने दो दिन पहले ही कड़े फरमान जारी किया है कि रात में रेत का उत्खनन परिवाहन किसी भी हाल में करें, बगैर पीटपास की गाड़ियों पर कार्यवाही किया जाए। लेकिन लगता है कलेक्टर के इस फरमान का किसी को कोई परवाह नहीं है।
धमतरी. भारी वाहनोें के चलते बिगड़ी ग्रामीण सड़कों की हालत।
तेंदूकोना एवं सारंगपुरी रेत खदान फिर शुरू हआ, प्रतिबंध के बावजूद ग्रामीण सड़कों पर चल रही भारी वाहनें
भास्करन्यूज .धमतरी
भारीवाहनों का प्रवेश निषेध संबंधी बोर्ड लोक निर्माण विभाग ने सड़कों में लगा रखा है, लेकिन इसे धता बता रोजाना दर्जनों रेत से भरी भारी वाहनें उसी मार्गो पर दौड़ रही है। खामियाजा क्षेत्र के रहवासी भुगत रहे हंै, जिनका मार्ग पर चलना खतरे से खाली नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि रेत खदान उनके लिए जी का जंजाल बन गया है। ग्रामीण इलाकों के लिए संकरी सड़कंे बनी है जिसमें चौबीस घंटे रेत के लिए बड़े-बड़े टिप्पर, ट्रेक्टर दौड रहे हैं। रफ्तार इतनी कि लोगों को अपने आपको बचाने सड़क से नीचे पाई में उतरना पड़ता है। सड़क पर ये चलते हैं तो उसके बाजू से होकर निकलना आसान नही होता।
दस टन से अधिक रेत भरकर टिप्पर चलने से सड़कों का बुरा हाल हो रहा है। डामरीकृत सड़कों को ऐसे रौंद रहे कि गिट्टियां बाहर निकल आई है। विडंबना है कि सड़कों की दुर्दशा को लेकर लोक निर्माण विभाग बिल्कुल भी गंभीर नही है। आरटीआे एवं पुलिस की भी जिम्मेदारी बनती है पर ओवरलोड के संबंध में दोनों विभागों ने आंखें मूंद ली है।
ग्रामीणोंमें आक्रोश
भारीवाहनों से हाे रही परेशानियों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्राम खरेंगा, दर्री, परसुली, कलारतराई, बंजारी, अमेठी, कानीडबरी, कोलियारी के लोगों का कहना है कि यह सब रेत खदान की वजह से हो रहा है इसलिए रेत खदानों को बंद किया जाए।
दूसरी ओर ग्राम मथुरा, अरौद, जवंरगांव, लीलर, छुही, सलोनी आदि गांवो के लोग भारी वाहनो पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं। तेंदूकोना एवं सारंगपुरी रेत खदान भी शुरू हो गया है,जहां गाड़ियों को रेला लग रहा है।
क्याकर रहा विभाग
लगताहै खनिज विभाग एक कान से सुनता है और दूसरे से निकाल देता है। विभागीय टीम कहीं भी जांच कार्यवाही करते नजर नहीं रही।