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किसान लगा रहे पटवारी ग्रामसेवकों के चक्कर
गत वर्ष जिले में 84 हजार से अधिक किसानों का पंजीयन हुआ था, अभी सिर्फ 8404 का हो पाया पंजीयन।
भास्करन्यूज .धमतरी
राज्यशासन द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य में धान की खरीदी नवंबर माह से प्रारंभ होगी। इसके लिए कृषकों को पंजीयन कराने की बाध्यता रखी गई है। जिसके चलते धान बेचने से पहले किसानों को पंजीयन के लिए हाथ पैर मारना पड़ रहा है। जटिल प्रक्रिया के कारण इस बार अनेक किसानों के पंजीयन से वंचित होेने की आशंका है।
जिले में 642 गांव है,जहां पौने दो लाख किसान हंै। बीते साल 84 हजार से अधिक किसानो ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था। 1 सितंबर से सोयायटियों में पंजीयन किया जा रहा है, जो 30 सितंबर तक चलेगा। पंजीयन के लिए समितियाें में 20 हजार 156 किसानों ने आवेदन लगाया है। शनिवार की स्थिति तक जिले मे मात्र 8 हजार 404 किसानों का ही पंजीयन हो पाया है। पंजीयन किसानों के साथ समिति वालों के लिए भी परेशानी बन रहा है। जटिलता के कारण कई किसान रूचि भी नही दिखा रहे। किसान फिलहाल पंजीयन के लिए पटवारियों,ग्रामसेवकों का चक्कर काट रहे हैं। उनके पास भी मजमा लगा हुआ है। अनेक गांव के पटवारी,ग्राम सेवक नही मिलने की बात कह रहे, जिसके कारण किसानों को भटकना पड़ रहा है। नये नियम के तहत जिन किसानों के धान के रकबा का पंजीयन होगा, वही किसान उपार्जन केन्द्र में खरीफ फसल बेच सकता है।
किसानों को मतदाता पहचान पत्र, ऋणपुस्तिका सहित कई दस्तावेज आवेदन में लगाने पड़ रहे हैं, फिर पटवारी ग्राम सेवक से छानबीन कराना पड़ रहा हैं, एक किसान के पंजीयन में आधा घंटे से अधिक का समय लग रहा है।
बेहद जटिल है प्रक्रिया
किसानखोरबाहरा यादव,महेश साहू,नेतराम ध्रुव,यशवंत साहू ने बताया कि इस साल पंजीयन की प्रक्रिया बेहद कठिन है। पहले ऋण पुस्तिका के आधार पर आसानी से पंजीयन हो जाता था। अब तो बड़ी परेशानी हो रही है। गांव में पटवारी,ग्राम सेवक से जांच की तिथि को बढ़ाना चाहिए।
धमतरी. सोसायटी में पंजीयन कराने के लिए किसानों को परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है।