गंदगी का पर्याय बना रामसागर पारा
वार्ड प्राेफाइल-रामसागर
पूर्व नपा उपाध्यक्ष के वार्ड में नहीं है समस्याओं का कोई ओर-छोर।
भास्करन्यूज .धमतरी
नगरके बीचोंबीच स्थित रामसागरपारा वार्ड में नाम के अनुरूप मंदिर भी हैं और तालाब भी लेकिन तो मंदिरों के आसपास स्वच्छ वातावरण हैं ही तालाब के इर्दगिर्द सफाई। यहां के नागरिकों में जनप्रतिनिधियों अौर शासन-प्रशासन के खिलाफ काफी अाक्रोश है। पिछले पांच वर्षाे में पार्षद द्वारा कोई खास काम नहीं किए जाने की बातें कहते हुए वार्डवासियों में इस बार समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील और जुझारू जनप्रतिनिधि को मौका देने की मंशा जताई।
मेयर और वार्ड पार्षद के चुनाव को लेकर जहां राजनैतिक दल रणनीतियां बना रहें हैं आम नागरिक भी इन चुनाव में अपनी भूमिका के प्रति सजग हैं। दैनिक भास्कर ने जब रामसागर पारा वार्ड का जायजा लिया तो यहां की जनता भी आने वाले चुनावों में पार्षद प्रत्याशियों के लिए अभी से मन बनाती नजर आयी।
इस वार्ड की जनसंख्या 2800 सौ है जिसमें से करीब 2000 मतदाता हैं। वार्डवासी परदेशी राम बंजारे, लक्ष्मीबाई, संजय, दूजराम बंजारे, गीता बाई वार्डवासी की माने तो पिछले पांच साल में जो विकास की उम्मीदे वार्डवासी ने लगाई थी, वैसा कार्य हो नहीं पाया। पांच वर्ष पहले की समस्याएं आज भी बरकरार है। बुनियादी सुविधा के लिए वार्ड के लोग तरस रहे है। बनियापारा, रिसाईपारा आदि वार्डो से रामसागरपारा वार्ड का जुड़ाव है और ज्यादातर सड़कें नीची हैं। जिनमें जरा सी बारिश होने से पानी भर जाता है।
नालियों के दोषपूर्ण निर्माण और नियमित साफ-सफाई नहीं होने से नालियों का गंदा पानी सड़को पर भर जाता है। गंदगी और दुर्गंध का तो जैसे इस वार्ड से स्थाई रिश्ता है। नियमित सफाई के अभाव में हर जगह कचरे का ढेर बना रहता है, नाली और कचरें की बदबू घरों तक पहुंच जाती है।
रामसागार तालाब के चारो ओर जाली लगाने के कारण निस्तारी की समस्या उत्पन्न हो गई है। एेसे में वार्डासियों को दूसरे वार्ड पर आश्रित कहना पड़ता है। तालाब की परिधि से लगे सार्वजनिक शौचालय से कई नागरिक परेशान हैं इसका गंदा पानी रास्ते पर फैल जाता है और राहगीरों तथा तालाब में सैर करने आये लोगों को बदबू से नाक बंद करनी पड़ती है। वार्डवासी नीलमणी मिश्रा के नेतृत्व में इसकी शिकायत कर चुके हैं।
वार्डवासी चाहते है परिवर्तन
छोटी-छोटीसमस्याओं से लोगों