पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • रास गरबा की धुन पर जमकर थिरक रहे युवा

रास गरबा की धुन पर जमकर थिरक रहे युवा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बड़ेशहरों की तर्ज पर शहर में भी गरबा-डांडिए के आयोजन भव्य से भव्यतर रूप लेता जा रहा है। नगर में इस वर्ष भी ढोल बाजे ग्रुप द्वारा पुरानी कृषि उपज मंडी में गरबा नाइट का आयोजन किया जा रहा है। यहां राेज शाम से देर रात तक ही गरबा गीतों लाेग पर थिरकते रहते हंै। आयोजनकर्ताओं ने कार्यक्रम को रंगारंग बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। बच्चे हों या युवा सभी की प्रतिभागिता आयोजन को चार चांद लगा रही है। कार्यक्रम का आनंद उठाने बड़ी संख्या में दर्शक परिवार के साथ भी पहुंच रहे हैं। गरबा नाइट के दूसरेे दिन सभी प्रतिभागी गुजराती परिधान में पहुंचे। स्पर्धा केे निर्णायक रसीला बेन दोशी,राजुला बेन शाह,दिलिपभाई मेहता थे। तीसरे दिन प्रतिभागी गुजराती कोड़िया,कुर्ता-पैजामा,घाघरा-चुन्नी में नजर आएंगे। ग्रुप के संरक्षक दीपक लखोटिया, संयोजिका सरिता दोशी, अरूण मिरानी, हितेश रायचुरा, गौरव लोहाना, धनराज लुनिया, कपिल मनुजा, विशेष लखोटिया, हेमिना, मनीष चंद्राकर आदि जुटे हुए हैं।

निधिराकंुडला रही अव्वल

गुजरातीपरिधान में हुए गरबा स्पर्धा के अंतर्गत चौथे ग्रुप में महिला वर्ग में प्रथम निधि राकुंडला द्वितीय रीतु लुनावत,तृतीय बरखा शर्मा रहीं। सांत्वना पुरस्कार मोना कृदत्त को मिला। गर्ल्स ग्रुप में प्रथम सृष्टि गुप्ता,कंचन मासुलकर,प्रियंका पवार रही। सांत्वना पुरस्कार आयुषी सालवीके को मिला। पुरूष ग्रुप में प्रथम अलश,द्वितीय महेन्द्र यादव,तृतीय विकास राकुंडला सांत्वना संस्कार लहवानी रही। बच्चों के ग्रुप में प्रथम गोल्डी लालवानी,द्वितीय बुलबुल लखवानी तृतीय मीनल सिंहा रही। सांत्वना पुरस्कार नैनसी गजेन्द्र को मिला।

32बंदियों ने रखा नवरात्र का उपवास

नवरात्रकी धूम चारों अोर मची है। मंदिरों दुर्गा पंडालों में भक्तिमय माहौल है,तो वहीं अर्जुनी स्थित जिला जेल भी शक्तिपूजा से अछूता नहीं है। अपने जाने-अनजाने में किए अपराधों की सजा काट रहे बंदी नवरात्र के दिनों में अपना तनमन पावन करने में किसी से पीछे नहीं हैं। यहां नवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। सुबह-शाम बंदी बैठक में पूजा-अर्चना कर रहे है। शाम को ढोल मंजीरे के साथ सेवा जसगीतों की धुन गूंज रही है। मां दुर्गा के छायाचित्र के समक्ष एक ज्योतिकलश की स्थापना भी की गई है। इतना ही नही,पूजन के भक्ति गीतों के साथ 32 बंदियों ने उपवास भी रखा है। कोई तीन दिन