पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • दहशत से नहीं बन रहे थानों का भवन

दहशत से नहीं बन रहे थानों का भवन

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिलेके धुर नक्सल क्षेत्रों में अभी भी नक्सली दहशत बना हुआ है। खल्लारी,बोरई,दुगली अति नक्सल संवेदनशील क्षेत्र में शामिल हंै। पुलिस प्रशासन यहां थाना भवन बनवाने सालों से प्रयास कर रहा है,लेकिन भवन आज तक नहीं बने। क्षेत्र में अन्य भवन, सड़के बन रही लेकिन थाना बनाने में ठेकेदार भी सामने नहीं रहे। इसे नक्सली दहशत से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस भी इस बात को दबी जुबान से स्वीकारती है। ठेकेदारों में भी डर देखा जा रहा है।

जिले में 12 थाने दो चौकी हंै। धमतरी, मगरलोड, कुरूद ब्लाक में पर्याप्त थाना भवन है,लेकिन नगरी-सिहावा क्षेत्र में भवन का अभाव है। बगैर थाना भवनों के अपराध पर अंकुश लगाने में पुलिस जुटी हुई है। खल्लारी,बोराई,दुकली में भवन निर्माण के लिए पुलिस 15 साल से प्रयास कर रही है। हर साल निर्माण की प्रक्रिया टेंडर तक होती है। फिर बात यही थम जाती है। पूर्व एसपी अकबर राम कोर्राम के समय ठेकेदारों को आकर्षित करने 20 से 25 प्रतिशत एवब में टेंडर भी ठेकेदार राजी नहीं हुए। थाना भवन बगैर कामकाज बुरी तरह प्रभावित होता है।

कैंपभी नहीं

थानाभवन के साथ कैंप की भी कमी है। बहीगांव भी धुर नक्सली क्षेत्र है। पुलिस कैंप यहां अब तक नही बना। नगरी-सिहावा के अन्य पुलिस कैंप मंे जवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बुनियादी सुविधाओं को लिए जवानों काे मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।

रिटेंडर जारी हो गया

^पूर्वमें थाना निर्माण के लिए टेंडर करने एजेंसी को दिए थे,लेकिन कोई ठेकेदार नहीं आए। पुन: टेंडर जारी कर दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराएंगे। एसपी,धमतरी