शौचालय, पार्किंग की व्यवस्था नहीं
वार्ड प्रोफाइल, सदर उत्तर वार्ड
सदरउत्तर वार्ड में जनप्रतिनिधि पालिका अधिकारियों की निष्क्रिता से विकास नहीं हो पाया। सालों पुरानी सड़क, नाली और सफाई की समस्या आज भी जस की तस है। वार्ड में शौचालय है, ही आंगनबाड़ी। ऐसे में अधिकांश लोगों की जिंदगी अमरबेल की तरह हो गई है। बुनियादी सुविधाओं के लिए दूसरे वार्ड पर आश्रित हैं।
सदर उत्तर वार्ड में सदर बाजार के अलावा अन्य चार चौक हैं, लेकिन सदर मार्ग को छोड़ दंे तो अन्य चौक की स्थिति अपनी दुर्दंशा पर रो रही है। चारों ओर गंदगी और टूटी-फूटी नालियों एवं जर्जर सड़क की हालात देखने से ही पिछले पांच साल की तरह आज भी वार्डवासी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे है। वार्ड में कई ऐसी गलियां है जहां आज तक पेयजल के लिए पाईप लाईन कनेक्शन का विस्तार नही हो पाया। सफाई व्यवस्था का भी बुराहाल है। जगह-जगह गंदगी और कचरे के ढेर से उठने वाली दुर्गंध ने लोगों को परेशानी में डाल रखा है। वार्डवासी राजेन्द्र, अनिता, रामेश्वरी बाई ने बताया कि सफाई कर्मचारी को कभी कभार ही वार्ड में देखते है। सफाई के लिए कर्मचारियों को कहते हैं, तो वे विवाद करने में उतारू हो जाते हंै। वार्ड की समस्याओं की सुधि लेने में पूर्व पार्षद रूचि नहीं दिखाए,जिसके कारण बुनियादी सुविधा के लिए दूसरे वार्ड पर आश्रित रहते हंै। वार्ड में तालाब, शौचालय ही नही है, आंगनबाड़ी और सामुदायकि भवन के लिए तरस गए। ऐसी कई बुनियादी सुविधाएं हंै, जिसके लिए वार्डवासी दूसरे वार्ड पर आश्रित हैं। गार्डन की दुर्दंशा हो चुकी है। देखरेख के अभाव के कारण उजड़ गया है।
सड़कका बुराहाल
सड़केंसालों से मरम्मत के लिए तरस रही है। कई जगह सड़क में उभर आई गिट्टी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। पाईप लाईन के लिए खोदे गए गड्ढे भी रात्रि में परेशानी का कारण बने रहे हैं। साल्हेवारपारा से ब्राम्हणपारा वार्ड पहुंच मार्ग में पाईप लाईन के लिए गड्ढे तो खोदे गए हैं, लेकिन आधा अधूरा छोड़ दिए है। जगह जगह से नालियां भी टूट गई है। शिकायत करने के बाद भी पालिका ने इस ओर ध्यान नही दिया।
इनकीहै अपेक्षा
सदरउत्तर वार्ड की जनसंख्या लगभग 24 सौ एवं मतदाता 17 सौ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वार्ड में तालाब, शौचालय, स्क्ूल और सामुदायिक भवन की आवश्यकता है। वार्डवासियों को दूसरे वार्ड पर आश्रित रहना पड़ता है। नालियाें की रोजान