दुर्घटनाओं में मौत
विंध्यवासिनी वार्ड में बाढ़ जैसे हालात
पांच घरों में भरा पानी,12 हुए प्रभावित,एक हफ्ते बाद भी नहीं मिली राहत।
भास्करन्यूज .धमतरी
छहसिंतबर की बारिश से विंध्वासिनी वार्ड स्थित दर्जनभर मकान पानी से घिर गए। पांच घरों में घुटने तक पानी भर गया। रहवासी स्थान तालाब में बदल गया। जीवन यापन के लिए लोगों ने अपने ही घर में ताला जड़ नगर निगम के सामुदायिक भवन में आश्रय लिया। मदद के लिए प्रभावित लोगों ने हाथ पैर मारा,लेकिन निराशा ही हाथ लगी। निगम प्रशासन की अनदेखी से हफ्तेभर बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों है। आज भी यहां बाढ़ जैसे हालात है। घर चारों ओर से पानी से घिरे हंै। अधिकारियों कोे दुखड़ा सुनाते वार्डवासी थक गए,लेकिन पानी बाहर निकालने के प्रयास नही हुए।
घरहोकर भी बेघर
वार्डवासियोंने अपनी तकलीफ दैनिक भास्कर में प्रकाशित करने का आग्रह किया। वैसे वार्ड की समस्या कई बार अखबारों में छप गई,लेकिन अनदेखी से लोग हफ्तेभर से आफत में हैं। प्रभावित यादराम सेन ,राजू देवांगन, दिलीप साहू, सावित्री साहू आदि ने बताया कि एक हफ्ते से घरों रास्ते में घुटनों तक पानी भरा है। निगम के अधिकारी देखने तक नहीं आए। 11 परिवार के लोग घर छोड़कर सामुदायिक भवन में आश्रय लिए हंै। अनदेखी से लाेग घर हाेकर भी बेघर हो गए हंै।
लोगों का भोजन,काम-काज सब बदल गया है। तकलीफ के कारण बच्चे भी स्कूल नही जा पा रहे। पानी से मकान गीले हो गए हैंं। ढहने का डर सता रहा है। घरों में सांप-बिच्छू घुस रहे हैं। यदि यही समस्या बड़ी कालोनी में होती तो तत्काल मोटरपंप से पानी खींचकर व्यवस्था बना लिया जाता। गरीबों की यहां कोई सुनने वाला नहीं है।
राजू देवांगन,दिलीप साहू,कृष्णा सारथी, लखन बढ़ई, देवेन्द्र साहू के मकान में पानी घुस गया है। इसी तरह पुरूषोत्तम कौशिक,सावित्री साहू,गणेश सोनकर,यादराम सेन,संतोष राव शिंदे,मिलन सोनकर का मकान चारों ओर से पानी से घिरा है। अभी भी इन्हें अपने मकान तक पहंुचने के लिए घुटनों तक पैर मोड़कर जाना पड़ रहा। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। गंदे पानी के बीच रहने से बीमारी फैलने का डर अलग बना हुआ है।
इन्हंेमछली की चिंता
मोबाइलटावर के आगे एक डबरी है, जहां मछली पालन होता है। गोकुलपुर,महिमासागर,दानीटोला वार्ड का पानी इसी ओर बहा दिया गया,जिससे 10 एकड़ का क्षेत्र पानी से लबालब हो गया है। पुल के प