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भोयना संग्रहण केन्द्र में सड़ गया लाखों का धान

7 वर्ष पहले
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भास्कर

बारिश में भीगकर काले हो गए अनेक स्टेक के धान,अंकु़रित धान को भी बचाने का प्रयास नहीं

भास्करन्यूज|धमतरी

जन्नतकहे जाने वाले कश्मीर में आज लाेग दाने-दाने के लिए मोहताज हंै और यहां के संग्रहण केन्द्र में सुरक्षा पर लाखों खर्च करने के बाद भी धान सड़ रहा। भोयना संग्रहण केन्द्र में बारिश में लाखों के धान बर्बाद हो गए। पिछली बारिश में अनेक स्टेक के धान भीग गए हैं। धान अंकुरित हो गए हैं,इसके बावजूद इसे बचाने के प्रयास नही हो रहा। पहले से भीगे धान काले होकर सड़ गए,कुछ दिन पूर्व की बारिश में भीगे धान के बोरों के बाहर भीतर अंकुरण गया है। ये भी खराब होने की कगार पर है। बुधवार को दैनिक भास्कर यहां पहुंचा,तो स्टेक के कैप कवर के नीचे बर्बादी का मंजर स्पष्ट रूप से दिखने लगा। कई स्टेक के कैप कव्हर में पानी भरा था,जो छेद से रिसकर धान के बोरों तक पहुंच रहा था।

बुधवार को मौसम साफ था। चकाचक धूप खिली थी फिर भी कैप कवर खोलकर धान सुखाने का प्रयास नही किया गया। कवर के नीचे जमीन में पानी भरा हुआ है भीगे धान में 15 सेमी तक पौधे उग गए हंै। खराब धान के लड्‌डू बन गए हंै। धान की बर्बादी संग्रहण केन्द्र में रखे सडे़ बारदाने उसमें चिपके काले धान बयां कर रहे हैं।

पर्याप्तकैप कवर

संग्रहणकेन्द्र में पर्याप्त कैप कवर है, फिर भी धान भीग गया। बीते साल भी बारिश से यहां भरी बर्बादी हुई थी। मजदूर चौकीदार रखने के बावजूद धान की सुरक्षा नही हो पा रही।

पत्रकारोंका प्रवेश वर्जित

भोयनामें भारी मात्रा में धान की बर्बादी हुई है। बर्बादी को छुपाने संग्रहण केन्द्र प्रभारी भी कोई कसर नही छोड़ रहे। संग्रहण केन्द्र के अंदर कोई भी जा सकता है,लेकिन पत्रकार नही,क्योंकि अगर वे बर्बादी की तस्वीर उतार कर प्रशासन को जगा िदए तो उस पर आफत जाएगी। इसीलिए यहां गेट पर तैनात कर्मियों को कहा गया है कि पत्रकारों को स्टेक की ओर जाने दें। हमारे प्रतिनिधि को भी यहां एंट्री के लिए कलेक्टर भीमसिंह से बात करनी पड़ी। संग्रहण केन्द्र की यदि सूक्ष्मता से जांच की जाए तो भारी मात्रा में बर्बादी का आंकडा सामने आएगा।

धमतरी. 7 सितंबर को प्रकाशित खबर। भोयना संग्रहण केन्द्र में भीगे धान सड़ गए हैं। अंकुरित धान को भी सुखाया नही जा रहा।