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शरीर हार्डवेयर के समान

7 वर्ष पहले
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एकसोच मनुष्य को शक्तिशाली बना देती है और वही सोच कमजोर भी बना सकती है। शरीर एक हार्डवेयर के समान है जिसका साफ्टवेयर है सोच संकल्प। नकारात्मकता को हटाकर सकारात्मक बनना होगा इसके लिए किसी से तुलना करें और दूसरों की बुराई करें। इसी क्रम में के.एल. वाही सेवानिवृत्त प्रोफेसर ने कहा कि विकास में इंजीनियर का सबसे बड़ा योगदान है। उपरोक्त उदगार भिलाई की ब्रह्माकुमारी प्राची बहन बीई ऑनर्स राजयोग शिक्षिका ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा अभियंता दिवस के उपलक्ष्य में विचार गोष्ठी में व्यक्त किए। मनुष्य साधन सुविधाएं जुटा कर अपने जीवन स्तर को सुधार रहा है लेकिन जीवन की क्वालिटी नहीं। मनुष्य में सबसे बड़ी शक्ति है सोचने की शक्ति जो मनुष्य को सबसे भिन्न बनाती है। सोच मनुष्य को शक्तिशाली और कमजोर दोनों बना सकती है। शरीर एक हार्डवेयर के समान है और साफ्टवेयर है सोच, संकल्प। ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा अभियंता दिवस के उपलक्ष्य में जीवन की पुनर्रचना विषय पर आत्म अनुभूति तपोवन में गोष्ठी रखी गई। इसी क्रम में केएल वाही सेनि प्रोफेसर ने कहा कि विकास में इंजीनियों का सबसे बड़ा योगदान है। राजेन्द्र प्रसाद अभियंता, छग राविविकं ने कहा कि इंजीनयिर निर्माता है, वह चाहे तो दुनिया बदल सकता है। इसी तरह एचआर कुटारे अभियंता ने कहा कि इंजीनियर को कृषि, धरती के उपजाउपन तथा जल संरक्षण में योगदान देना चाहिए। केएस ध्रुव अधिक्षण अभियंता, महानदी जलाशय परियोजना नंे भी विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्ष ब्रह्माकुमारी सरिता बहन ने कहा कि आध्यात्म हमें अपने स्वास्थ्य और परिवार का ध्यान रखना सिखाता है। कोई परिस्थिति कठिन तब लगती है जब हमारे संकल्प कमजोर होते हैं। मनुष्य साधनों के पीछे भाग रहा है, साधना कहीं छूट गई है, राजयोग ऐसी साधना है जो आंतरिक शक्तियों को जागृत करती है। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। ब्रह्माकुमारी प्राजक्ता बहन ने कामेन्ट्री द्वारा राजयोग का अभ्यास कराया। कामिनी कौशिक ने संस्था का परिचय दिया।