अधिकारी ने कलेक्टर को किया गुमराह
अरौद में जल प्रदाय योजना सालभर से बंद, पानी के लिए गांव में आए दिन रहती है समस्या।
भास्करन्यूज |धमतरी
स्वतंत्रग्राम पंचायत अरौद ली में 11 वार्ड हैं। जनसंख्या लगभग 12 सौ है। नल जल योजना के तहत 15 लाख रू की लागत से गांव के घर-घर में पाइप लाइन बिछाया गया है। पाइप बिछने के सालभर बाद भी किसी को बूंदभर पानी नहीं मिला। हैंडपंप के भरोसे गांव वालों को पानी मिल रहा है।
दैनिक भास्कर ने गांव की समस्या को 11 नवंबर के अंक में प्रकाशित किया तो कलेक्टर भीमसिंह ने ग्रामीणों की समस्या को संज्ञान में लेते हुए व्यवस्था के लिए पीएचई को तलब किया। इधर पीएचई के कार्यपालन अभियंता ने कलेक्टर को झूठी जानकारी सौंपकर व्यवस्था बेहतर होने की जानकारी दे दी। रिपोर्ट में स्थल जल प्रदाय योजना चालू होने सहित गांव के सभी हैंडपंप चालू अवस्था में होना बताया गया।
दैनिक भास्कर प्रतिनिधि रविवार को पुन:जब गांव पहुंचा तो समस्या पूर्ववत थी। ग्रामीण कैलाश सिन्हा, मनोहर निर्मलकर, धनी साहू, रामरतन सिन्हा, हरि निर्मलकर, टीकम गोस्वामी, बहुर निर्मलकर आदि ने बताया कि नल जल योजना के तहत गांव में पाइप लाइन का विस्तार हुआ है लेकिन किसी के भी कनेक्शन में पानी नहीं आता। सार्वजनिक जगह टोटी लगाया गया है। यहां भी पानी नहीं रहा। जब से पाइपलाइन बिछी है तब से किसी को भी पानी नहीं मिला। योजना में 15 लाख रूपया लगा।
योजना के तहत तीन जगह टंकी निर्माण हुआ है। मिडिल स्कूल बाजार चौक के पास की टंकी पंचायत भवन के पास की टंकी बंद पडी है। 10- 12 दिन पूर्व मुख्य सडक किनारे भाठापारा में स्थित टंकी से पानी मिल रहा है। पाइपलाइन से किसी को भी आज तक पानी नहीं मिला।
कई हैंडपंप से गंदा पानी निकल रहा है। भाठापारा के पास स्थित नल का पानी गंदा रहा। हैंडपंपों के पानी को छानकर उपयोग में ला रहे हैं। गांव में तीन बोर है। स्कूल के अंदर पंचायत द्वारा खुदवाया गया बोर दो दिन से बंद है। दो बोर वर्तमान में चालू हालत में है। बोर बीच-बीच में खराब हो जाता है। गांव में पानी की आए दिन समस्या रहती है। बजरंग मंदिर के पास का हैंडपंप महीनों से बंद पड़ा है।
ग्रामीणों ने बनाई सड़क
गांवकी नवयुवक समिति ने श्रमदान से आवागमन रास्ते का निर्माण किया गया। नवयुवक समिति के लोगों ग्रामीणों ने हाईस्कूल से बाजार चौक तक लगभग 500 मीटर तक मुरूम सड़क का निर्माण किया