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ज्यादातर हादसे लापरवाही के चलते हुए, बीते साल हाईवे में 51 की गई जान

6 वर्ष पहले
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वाहन चालकाें की लापरवाही दुर्घटना का बड़ा कारण माना जा रहा, शराब भी है कारण।

भास्करन्यूज |धमतरी

जिलेमें एक्सीडेंट से मौत का आंकड़ा बढ़ते जा रहा। वाहनों का दबाव, ट्रैफिक तो कारण हंै ही, लेकिन लोगों की लापरवाही भी कम नहीं है। बीते साल उन सड़कों में सर्वाधिक मौतें हुई जहां स्टेट हाइवे है और ही नेशनल हाइवे। वाहन चालकों की लापरवाही के चलते ही अधिकांश हादसे हुए।

एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शहर के अंदरूनी सड़कों में 71 लोगों की बीते साल मौत हुई। इन क्षेत्रों में नगरी, धमतरी, कुरूद, मगरलोड के सामान्य आवागमन क्षेत्र शामिल हैं। स्टेट हाइवे में कुछ ही मौते हुई। मोटर सायकल से लेकर चारपहिया वाहन पेड़ में टकराने, सड़क किनारे गाड़ी पलटने से मौते हुई।

छाती-अभनपुर के बीच दुर्घटनाएं

नेशनलहाइवे रायपुर-धमतरी मार्ग में दुर्घटना की आए दिन खबर मिलती है। सर्वाधिक दुर्घटना जिले के ग्राम छाती से अभनपुर के बीच हुई। बीते वर्ष 100 से अधिक छोटी, बड़ी दुर्घटनाएं हुई। इसमें 34 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है। ज्यादातर दुर्घटनाएं आमने-सामने से हुई। इतना ही नहीं छाती से श्यामतराई जांच नांका के बीच 60 से अधिक दुर्घटनाएं हुई। 17 लोगों की इस रोड में जान गई। शहर सीमा में भी कई मौते हुई

दुर्घटना, नशा है पहला कारण

शराबपीकर वाहन चलाना फैशन सा बन गया है। दुर्घटना में घायल हुए अधिकांश लोग शराब के नशे में पाए जाते हैं। अस्पताल के डाक्टर स्वयं इसकी पुष्टि करते हैं। नशापान कर वाहन दौड़ाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने कानून का कड़ाई से पालन करना होगा।

पालकोंकी अनदेखी पड़ रही भारी

दुर्घटनाओंमें कई नाबालिग बच्चों की भी मौत हुई है। बच्चे थोड़े बड़े हुए नहीं कि पालक उन्हे गाड़ी की चाबी सौंप देते हैं। 10 से 14 साल के बच्चे मोपेड गियर गाड़ी दौड़ाते मिलते हैं। पालकों को भी इस ओर जागरूकता दिखाने की जरूरत है।