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छात्र-छात्राओं ने ली शपथ, बंद करेंगे पालीथिन
शहरसे लगे हाऊसिंग बोर्ड कालोनी में संचालित सर्वोदय हायर सेकेंडरी स्कूल के 1000 से ज्यादा छात्र नो पालीथिन कैंपेन में शामिल हुए और पालीथिन केरी बैग का उपयोग नहीं करने का संकल्प लिए। छात्र-छात्राओं ने कहा कि पालीथिन केरी बैग बेहद नुकसानदायक है। इसलिए हम भी इसका उपयोग नहीं करेंगे। साथ ही मोहल्ले में लोगों से पालीथिन केरी बैग उपयोग नहीं करने के लिए कहेंगे।
स्कूल के छात्र-छात्राओं को प्राचार्य टीआर सिन्हा ने शपथ दिलाई। उन्होने छात्रों को पालीथिन के दुष्प्रभावों को बताया और स्कूल में टिफिन आदि पालीथिन केरी बैग में नहीं लाने को कहा। स्कूल को स्वच्छ रखने के लिए भी छात्रों से अपील की। श्री सिन्हा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जिले के कलेक्टर भीमसिंह प्रयासरत हंै। सफाई अभियान भी चला। दैनिक भास्कर अखबार भी नो पालीथिन मुहिम चला रहा जो वाकई अनुकरणीय है। स्कूल-कालेजों वार्डों में भी भास्कर की टीम पहुंच रही। आगे इसका बेहतर परिणाम देखने को मिलेगा। पालीथिन सेहत के साथ सफाई एवं जीव जंतुओं के लिए घातक है। गंदगी फैलाने का भी बड़ा कारण है। पालीथिन में उपयोग होने वाले केमिकल से भूमि की उर्वरा शक्ति पर असर पड़ रहा। वाटर रिचार्जिंग, गिरते भूजल का भी कारण है। शपथ के दौरान स्कूली छात्रों के अलावा शिक्षक संजय मीनपाल, कुलपति सिंह, टीकम साहू आदि उपस्थित थे।
धमतरी. सर्वोदय स्कूल में नो पालीथिन की शपथ लेते छात्र-छात्राएं।
पालीथिन गंभीर समस्या है
^शहरमें ओपन ड्रेनेज सिस्टम यानी खुले नाले-नालियां हैं, जिसे पालीथिन ब्लाक कर देता है। फलस्वरूप गंदगी हावी रहती है। गलियों से लेकर हाइवे तक की नालियां जाम हो रही है। इस गंभीर समस्या को ले जागना जरूरी है। विक्रमसिंह, शिक्षक सर्वोदय स्कूल
सालों बाद भी नहीं होता नष्ट
^पालीथिननष्ट नहीं होता, इसलिए गंदगी लगातार बढ़ रही है। चारागाह की कमी से मवेशी कूड़ा खा रहे हैं। इसमे भारी मात्रा में पालीथिन रहता है, जो मवेशियों के मौत का कारण बन रहा है। एचएलसिन्हा, शिक्षक सर्वोदय स्कूल
सुधार के लिए बदलने हाेंगे हालात
^शहर,जिला प्रदेश को स्वच्छ रखने के लिए अब नो पालीथिन का शपथ लेना जरूरी हो गया है। जब पूरा शहर जागरूक होगा तब ही हम इस समस्या से निपट पाएंगे। पूर्व के हालात को बदलना होगा। नेहागजेन्द्र, छात्रा 11वीं सर्वोदय उमावि
कपड़े के थैले में लाते हैं टिफिन
^स्कूलसे प्रयास शुरू करेंगे। अब टिफिन अन्य सामान पालीथिन की जगह जूट या कपड़े के थैले में लाएंगे। पर्यावरण विषय में भी हम इसके नुकसान को पढ़ते हैं। पालीथिन जहर से कम नहीं है। उपयोग पूर्णत: बंद होना चाहिए। पंकजयादव, छात्र 11वीं सर्वोदय उमावि