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स्कूल परिसर में मवेशियों का डेरा छात्र-छात्राओं की जान जोखिम में
शहर मेंे संचालित कई शासकीय स्कूलों में बाऊंड्रीवाल नहीं होने से बच्चों की जान आफत में है। स्कूल परिसर में दर्जनों मवेशी मंडरा रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। स्कूल प्रबंधकों ने शिक्षा विभाग एवं निगम को आवेदन भी सौंपा है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
शासकीय माध्यमिक शाला नवागांव, शासकीय नवीन प्राथमिक शाला बस्तीपारा, शासकीय प्राथमिक शाला नवागांव एक ही परिसर में संचालित है। तीनों स्कूलों में लगभग 200 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन अनदेखी से छात्रों की जान में आफत गई है।
बाऊंड्रीवाल नहीं होने से दर्जनों मवेशी स्कूल के आसपास मंडराते रहते हैं, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। बताया जाता है कि स्कूल प्रबंधन शिक्षा विभाग को अवगत करा चुका है, लेकिन विभाग ने चुप्पी साध रखा है।
इन स्कूलों में ज्यादा खतरा
शासकीय स्कूलों में व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों के खेल मैदान में मवेशियों का जमघट खतरे से कम नहीं होता। हटकेशर वार्ड में तीन स्कूल संचालित हंै। स्कूल के मुख्य द्वार में गेट का अभाव होने के कारण हमेशा खुला रहता है।
ऐसे में मवेशी मैदान में घुस जाते हंै, जो बच्चों के लिए आफत से कम नहीं होता। इसी तरह गोकुलपुर, दानीटोला स्कूल, विंध्यवासिनी स्कूल समेत कई ऐसे स्कूल है। मैदान में हरपल मवेशी का खतरा होता है। बच्चे दहशत के बीच खेलने को मजबूर होते है।
धमतरी. हटकेशर स्कूल परिसर में मवेशियों की समस्या बढ़ते जा रही है।
मैदान निर्माण के लिए तोड़ दिए बाऊंड्रीवाल
जालमपुरवार्ड का शासकीय स्कूल काफी पुराना है। वार्डवासियों शाला विकास समिति के प्रयास से स्कूल का बाऊंड्रीवाल तो बना, लेकिन इन दिनों मैदान समतलीकरण के नाम पर बाऊंड्रीवाल को तोड़ दिया गया है। मवेशियों के बेधड़क मैदान में यहां-वहां घूमने से हमेशा खतरा बना रहता है। स्कूल के बच्चों को काफी संभलकर चलना पड़ता है। सुबह स्थिति यह रहती है जगह-जगह फैले गोबर को पार कर बच्चों, शिक्षकों को क्लास तक पहुंचना पड़ता है।