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झुग्गी बस्तियों में मितानिन संभालेंगी कमान
शहरके स्लम बस्तियों में मितानिन मलेरिया का कमान संभालेगी। प्रशिक्षण लेने के बाद इन्हंे गुरूवार को शहरी स्वास्थ्य केन्द्र से किट वितरण किया गया।
शहर में स्वास्थ्य विभाग की 104 मितानिन कार्य कर रही हैं। दो साल से ये स्वास्थ्य विभाग से जुड़कर वार्डों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। पूर्व में ये गर्भवती माताओं को आवश्यक गोलियां देने के अलावा अस्पताल तक लेकर पहुंचती थी। अब इन्हें मलेरिया रोकथाम की जवाबदारी भी सौंपी गई है।
मितानिनों को आरडीके (रेपिड डिटेक्शन किट) दिया गया है। इससे मलेरिया पाजीटिव, निगेटिव की तत्काल पहचान हो जाएगी। कुछ ही मिनट में संबंधित महिला के शरीर में मलेरिया परजीवी की उपस्थिति बता देता है। पूर्व में रोगी से ब्लड स्लाइड लेकर अस्पताल के लैब में परीक्षण होता था फिर अगले दिन रिपोर्ट मिलता था। बाजार में इस टेस्ट का 100 रू लगता है जबकि मितानिनों के सहारे यह निशुल्क हो जाएगा।
धमतरी. गुरूवार को शहरी स्वास्थ्य केन्द्र से किट वितरण किया गया।
अंतिम प्रशिक्षण लेने के बाद बाटेंगे दवा
मितानिनोंकी एरिया कोआर्डिनेटर संगीता साहू, प्रशिक्षिका सायरा मोमिन, लक्ष्मी यादव, द्रोपती जोशी, तनुजा साहू ने कहा कि अस्पताल से आयरन गोली, एलबेंडाजोल, ओआरएस पैकेट, क्रोटीन सिरप के अलावा आरडीके किट मिला है। मलेरिया की भी जांच करने की जवाबदारी मिली है। एक ट्रेनिंग हो गया है। अंतिम ट्रेनिंग में दवा देने परीक्षण का तरीका बताया जाएगा फिर मितानिन वार्डों में दवा बाटेंगी।
मलेरिया रोकथाम है उद्देश्य
फार्मासिस्टसोमप्रकाश साहू ने कहा कि सभी मितानिनें स्लम एरिया में काम करती है। मलेरिया रोकथाम के लिए इन्हें आरडीके दिया गया है, ताकि मौके पर ये मलेरिया का पता लगा सकंे और उन्हंे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल तक ला सके।