आदेश के बाद भी नहीं तोड़ी जर्जर टंकी
सिविललाईन वार्ड में स्थित लगभग 50 साल पुरानी पानी टंकी को 1 माह पूर्व कलेक्टर द्वारा तोड़े जाने के आदेश देने के बाद भी नहीं तोड़ा गया है। जर्जर टंकी के कारण आसपास के निवासी हर पल खतरा महसूस कर रहे हंै।
पानी टंकी की जर्जरता को देखते हुए कलेक्टर भीमसिंह ने उसे तोड़ने का आदेश सीएमओ को दिए हंै। चुंकि निर्माण एजेंसी पीडब्ल्युडी है इसलिए सीएमओ ने एसडीएम के माध्यम से पीडब्ल्यूडी विभाग कोे अवगत कराया है। फिर भी इसे तोड़ा नहीं जा रहा है। आदेश के बाद आसपास रह रहे 4-5 परिवार भी अपना आशियाना छोड़कर दूसरे जगहों में चले गए हैं। पिछले 15 दिनों से टंकी के पानी को भी खाली किया जा चुका है। जर्जर टंकी का प्लास्टर पूरी तरह उखड़ चुका है। सरिया बाहर निकली हुई है जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। टंकी के पास वार्डवासियों के आने जाने के लिए आम रास्ता और चर्च भी है जहां दिन भर लोग आते जाते रहते हैं।
अस्पतालमें पानी सप्लाई
उक्तटंकी से मुख्य जिला अस्पताल में पानी की सप्लाई होती थी। जर्जर होने और तोड़े जाने के आदेश के बाद टंकी से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। अस्पताल में अभी पानी के अन्य स्त्रोतों से पानी की आपूर्ति की जा रही है। फिलहाल आपूर्ति पर्याप्त बताया जा रहा है, लेकिन अप्रैल मई माह में पानी की दिक्कत हो सकती है। लोगों के लिए भी यह जर्जर टंकी खतरे से कम नहीं है।
धमतरी.जर्जर टंकी से हर पल खतरा।
अस्पताल में पानी पर्याप्त है
^टंकीकी जर्जरता के कारण उसे तोड़ने का आदेश मिला है। प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी को इसकी जिम्मेदारी दी है। पानी की सप्लाई के लिए अस्पताल में अन्य बोर और टंकी है, जिससे पूर्ति की जा रही है। पानी अभी पर्याप्त है। डा.बीके साहू, सीएमओ
तोड़ने का आदेश मिला है
^जानकारीमें आई है कि जर्जर टंकी को तोड़ने का आदेश कलेक्टर ने सीएमओ को दिया है। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी है, इसलिए एसडीएम के आदेश के बाद टंकी तोड़ दिया जाएगा। एचएसघाटे, उपअभियंता नगर निगम