पितरों के दूत के लिए तरस गए लोग
हर पर्व से अलग अनूठा है पितृ पक्ष, पितरों के दूत कौए को लेकर चिंता।
भास्करन्यूज |धमतरी
इससमय पितृपक्ष चल रहा है। और लोग तिथि के अनुसार अपने-अपने पूर्वजों को श्राध्द देकर तर्पण कर रहे है। अधिकांश लोगों को कौए पक्षी की अनुपस्थिति खल रही है। जो विशेष भोजन का चुगने नही रहे है।
करकस आवाज लगाने वाले कुरूप कौए को अन्य अवसरों पर लोग भले ही पंसद करें। लेकिन पितृ पक्ष में इस पक्षी का विशेष महत्व रहता है।
चुंकि कौए पितरों का दूत माना जाता है इसलिए स्वर्गवासी के नाम विशेष भोजन रखा जाता है। जिसे इंतजार रहता है। कुछ स्थानों को छोड़ दे तो अंचल के अधिकांश क्षेत्रों में कौए इस समय नजर रहे है। जबकि पितृ पक्ष का नवमी दशमी भी गुजर गया। अब 5 दिन यह पक्ष और बांकी रह गया है। पिछले दस दिन से रोजाना जलाशयों में स्नान कर लोग अपने-अपने पिंडदान के लिए विशेष पूजा-पाठ भी कराए जा रहें है।
मानाजाता है अशुभ
शास्त्रोंके मुताबिक पितृ पख को अशुभ माना जाता है इस कारण पन्द्रह दिनों तक किसी तरह का कोई मांगालिक कार्य करने से लोग हिचकते है। यहां तक मंदिरों में पूजा-पाठ भी विशेष रहता है।
बाजारवीरान
पितृपक्ष में सोना चांदी या अन्य शुभ चीज की खरदी िबक्री बहुत कम लोग करते है। यही वजह है कि सराफा बाजार में भी इस समय वीरान है।
धमतरी। रूद्री के महादेव घाट पर पिंडदान करते परिजन।