नपा के बोर्ड कर रहे दिग्भ्रमित
प्रवेश द्वार में भी पालिका
निगम बनने के बाद भी नही हो रहा सुधार,अधिकारियों को भी रूचि नही।
भास्करन्यूज|धमतरी
धमतरीकी 134 साल पुरानी पालिका को माहभर पूर्व अपग्रेड कर निगम का दर्जा मिल गया है लेकिन शहर में लगे नगर पालिका परिषद धमतरी के बोर्ड लेखन मुंह चिढा रहे हैं।। निगम के हिसाब से काम-काज भी शुरू हो गया,फिर भी नगर पालिका लिखे बोर्ड अभी भी लोगों को दिग्भ्रमित कर रहें है।
15 अगस्त को नगर पालिका धमतरी को मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने निगम का दर्जा दिया। एक महीने से अधिक का समय बीत गया फिर भी निगम के अधिकारी नगर पालिका लिखे बोर्ड और लेखन आदि को सुधार नही पाए। कार्यालय भवन में पालिका काे निगम कराकर औपचारिकता पूरी कर ली गई। निगम के अधीनस्थ अन्य दफ्तर,वाहन,काम्पलेक्स,प्रवेश द्वार स्टैंड आदि में आज भी नगर पालिका ही लिखा है। जो जानकार हैं वो तो निगम बनना स्वीकार कर रहे,लेकिन अनजान या बाहर से शहर पहुंचने वाले लोग धमतरी को पालिका ही मान रहे। निगम के आयुक्त भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।
शहर के सभी प्रवेश द्वारो में नगर पालिका परिषद लिखा हुआ है। इसी तरह इंडोर गेम्स,सामुदायिक भवन,रिक्शा स्टैंड, स्वागत बोर्ड,स्कूलों सहित सभी जगह पालिका ही लिखा हुआ है।
मुहूर्त का इंतजार
निगमबनने के बाद चुने हुए जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल भंग हो गया। अधिकारी के हाथ में ही निगम की कमान है, जो छोटी-छोटी समस्याओं को भी दूर नही कर पा रहे। शहर के पाइपलाइन लीकेज सुधर रहे और ही नगरवासियों की शिकवा शिकायतों का समाधान हो रहा। हां अधिकारी जमकर मनमानी कर रहे ,जिसका उदाहरण डेढ करोड़ के निरस्त टेंडर में देखने को मिल गया। फिलहाल निगम की कार्यशैली को देखकर लग रहा कि पालिका लिखे बोर्ड लेखन में सुधार के लिए मुहूर्त का इंतजार हो रहा है।
धमतरी. शहर के प्रवेश द्वारों पर अभी भी नगर पालिका परिषद ही लिखा हुआ है।