छह महीने से नहीं पहुंचा एक भी फरियादी
खंड सचिवालय प्रभारी भी नही आते,नाम का रह गया सचिवालय।
भास्करन्यूज|धमतरी
राज्यशासन की महत्वाकांक्षी योजना खंड सचिवालय नागरिको की उपेक्षा के चलते दम तोड़ती नजर रही है। तीन साल पहले शुरू हुआ खंड सचिवालय का अायोजन अब बंद होने के कगार पर है। बीते 6 महीनों में सचिवालय में एक भी यहां आवेदन नही पहुंचा हैं। अघोषित रूप से इसे बंद ही माना जा रहा है। आवेदकों द्वारा नकार दिए जाने के बाद से इसकेे प्रभारी एसडीएम भी नही पहुंचते।
शहर समेत विकासखंड के गांवो की छोटी-बड़ी समस्याएं सुलझाने के लिए छग शासन ने 4 जुलाई 2011 से जनपद पंचायतो में खंड सचिवालय की व्यवस्था शुरू की थी। उसके पीछे विचार यह था कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर ही मामलों का निराकरण करेंगे,जिससे नागरिकों को लाभ होगा। शुरूआती दिनों में खंड सचिवालय में कुछ आवेदक पहुंचे,दिन की मुश्किलात हल हुईं। बाद में अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण आवेदक चक्कर लगाने को मजबूर हुए और अंतत: उन्होंने खंड सचिवालय से मुंह फेर लिया नतीजतन सालभर में ही योजना फ्लॉप होते दिखी। जनपद पंचायत धमतरी में तो हालत और भी खराब है। अन्य शासकीय कार्यो में मशरूफ होने की वजह से जिम्मेदार अधिकारी लगातार सचिवालय से नदारद होते रहे और जनता भी विमुख हो गई। धीरे-धीरे फरियादियों की संख्या यहा घटते गई और अब हाल यह है कि पिछले 6 माह से यहा किसी ने भी आवेदन नही लगाया है। अब आलम यह है कि कोई शिकायत मिल रहा और ही आवेदन। कहा जा रहा है कि जनपद प्रतिनिधियों ने भी जनता के बीच जाकर उन्हें सचिवालय का लाभ उठाने के लिए पर्याप्त जागरूक आैर प्रेरित नहीं किया। दफ्तर के प्रवेश द्वार पर बोर्ड में खंड सचिवालय का उल्लेख है,लेकिन सचिवालय 6-7 माह से नही लग रहा। खंड सचिवालय के लिए निर्धारित सोमवार के दिन फरियादी पहुंचे और ही एसडीएम।
मिले मात्र 270 आवेदन
खंडसचिवालय तीन साल से लग रहा है। शुरू से इसे आवेदकों ने भाव नहीं दिया। तभी तो आज तक की स्थिति में यहां मात्र 270 आवेदन ही मिले है। जबकि इतने आवेदन जनदर्शन में दो हफ्ते में मिल रहे हैं।जनपद द्वारा सभी 270 आवेदनों का निपटारा हो जाना बताया गया।
जनदर्शनमें उमडे़ आवेदक
जिलामुख्यालयों में बीते तीन साल से कलेक्टर जनदर्शन लग रहा है। खंड सचिवालय से ज्यादा आवेदकों ने जनदर्शन को तवज्जो दी। तीन सालों के दौरान जनदर्शन में जिलेभर से 9 हजार