मंत्री का दबाव भाजपा पर भारी
मंत्री के दबाव में भाजपा के दावेदार नहींंं जमा कर पा रहे फार्म, सकते में दावेदार।
भास्करन्यूज| धमतरी
निगमचुनाव को लेकर 8 दिसंबर से फार्म खरीदने जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदार नामांकन भरने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार प्रदेश के एक मंत्री ने टिकट मांग रहे दावेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे बेवजह फार्म जमा करें।
पार्टी द्वारा अधिकृत घोषणा होने पर ही नामांकन दाखिल करें। ऐसा नहींंं करने पर टिकट कटने की भी चेतावनी दी गई है। दावेदारों ने चुनाव लड़ने फार्म खरीद रखा है, लेकिन उक्त नेता के कटाव का इतना दहशत है कि दावेदार फार्म तैयार होने के बाद भी जमा करने के लिए सोच रहे। यही वजह है कि अब तक भाजपा पार्टी से टिकट मांग रहे किसी भी दावेदार ने अपना नामांकन जमा नहींंं कराया है।
इधर कांग्रेस पार्टी की ओर से कामिनी ठाकुर ने महापौर पद के लिए नामांकन जमा कराया है। इसी तरह कांग्रेस पार्टी की ओर से ही 5 लोगों ने पार्षद पद के लिए नामांकन दाखिल किया है।
बगावतहो इसलिए पहल
सूत्रोंने कहा कि भाजपा में दावेदारों की संख्या काफी ज्यादा है। महापौर से लेकर पार्षद तक दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। विधानसभा चुनाव की तरह बगावती तेवर हो इसलिए भाजपा ने ऐसी पहल की है। इससे पार्टी तो बच जाएगी, लेकिन कई का पत्ता भी साफ हो जाएगा। दावेदार भी मामले को समझ गए हैं, लेकिन वे चुप रहना ज्यादा उचित समझ रहे।
टिकट के लिए बन रहे दरबारी
पार्षदसहित महापौर टिकट वितरण में जिले के मंत्री का प्रमुख रोल होना माना जा रहा। कार्यकर्ता भी इसे मान रहे। टिकट वितरण को ले कांग्रेस से ज्यादा भाजपा में घमासान है। दावेदार फरियाद लेकर कुरूद तक सफर तय कर रहे। स्थानीय नेता से जुडे लोग इन पर ही भरोसा कर टिकट मिलने की आस लगाए बैठे हैं। सूत्रों ने अनुसार आरएसएस ने चार टिकट मांगा है, जिसे मिलना तय माना जा रहा। बाकी के वार्डो में घमासान मचने वाला है। सब स्थानीय नेताओं पर उम्मीद कर रहे हैं। यदि मंत्री की चली तो कई की टिकट कट जाएगी। शहर के कुछ वार्ड ऐसे हैं जहां से मंत्री के करीबी टिकट मांग रहे हैं इन्ही वार्डो से एक स्थानीय नेता के भी उम्मीदवार हैं। टिकट वितरण में यहां मंथन करना पड़ रहा है। कई को मनाया भी जा रहा, लेकिन दोबारा उन्हे मौका नहीं मिलने का डर है।