- Hindi News
- रास नहीं रहा जिला ग्रंथालय, पाठकों का टोटा
रास नहीं रहा जिला ग्रंथालय, पाठकों का टोटा
ग्रंथालय खुलने और बंद होने का समय लोगों को रास नहीं रहा, स्थायी सदस्य बनाने की सुविधा नहीं।
भास्करन्यूज| धमतरी
िजलाग्रंथालय को खुले पांच माह हो गए, सर्व सुविधा होने के बाद भी यहां पहुंचकर पाठक अध्ययन करने में रूचि नहीं ले रहे। ग्रंथालय में मेम्बर बनाने की सुविधा भी नहीं है, जिसके कारण पाठक पुस्तकों को अपने घर नहीं ले जा सकते।
पुरूष पाठकों की अपेक्षा महिलाओं की उपस्थिति कम है। स्कूल और आफिस टाईम में खुलने और बंद होने के कारण पाठकों की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा है। स्कूली कालेज छात्र भी ग्रंथालय तक नहीं पहुंच पा रहे।
समयउपयुक्त नहीं
ग्रंथालयसुबह 10.30 से शाम 5 बजे तक खुलती है। दफ्तर, स्कूल, कामकाज का भी यही समय रहता है, जिसके कारण पाठक यहां तक नहीं पहुंच पाते। स्कूल, कालेज और दफ्तरों से वापस आते तक ग्रंथालय बंद हो जाती है। पाठकों को शिकायत है कि शहर में सुविधा होने के बाद भी वे इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं, सिर्फ समय व्यवस्थित नहीं होने के कारण। लाईब्रेरी पहुंचे मुकेश, पोखराज, भानुप्रताप, ताराचंद, शुभम, हेमचंद आिद ने बताया ग्रंथालय के रख रखाव से हम संतुष्ट हैं। यहां सभी प्रकार के अखबार, पत्र-पत्रिकाएं, पुस्तकंे उपलब्ध हैं लेकिन समय उचित नहीं होने के कारण वे यहां नियमित नहीं पहुंच पा रहे। लोगों की मांग है लाईब्रेरी खुलने और बंद होने के समय में परिवर्तन हो, तो इसका लाभ लोगों को और मिलेगा।
मेम्बरबनाने की सुविधा नहीं
जिलाग्रंथालय में अब तक स्थायी सदस्य बनाने की सुविधा नहीं है। नियमित पाठक लाईब्रेरी की पुस्तकों को घर में पढ़ने के लिए नहीं ले सकते। सुविधा नहीं मिलने के कारण पाठकों में मायूसी है। समय नहीं मिलने के कारण कुछ लोग ग्रंथालय में बैठकर अध्ययन नहीं कर पाते।
जिला ग्रंथालय का शुभारंभ 18 जुलाई 2014 को कलेक्टर ने किया था। शुभारंभ से ही यहां अखबार, पत्र-पत्रिकाएं सहित देशी-विदेशी लेखकों की कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का स्टाल किया गया है। बैठने के लिए भी कुर्सी-टेबल, पंखे, लाईट, लेट-बाथ की व्यवस्था है लेकिन शो पीस बनकर रह गया है। पाठकों की नहीं आने के कारण इन सुविधाओं का उपयोग शहरवासी नहीं कर पा रहे है।
सुबह-शामखोलने की मांग
पाठकोंका कहना है कि लाईब्रेरी खुलने और बंद करने का समय परिवर्तन करने की जरूरत है। कामकाजी लोग इसका फायदा नहीं उठा पा रहे।