कार्यशाला से नदारद रहे 45 प्राचार्य एक दिन का वेतन रोकने का आदेश
शिक्षा विभाग की कार्यशाला की उस वक्त पोल खुल गई, जब प्राचार्यों की नजर अधिकारियों पर नहीं, बल्कि वाट्सएप पर रही। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्राचार्य कार्यशाला से क्या सीख लेकर स्कूल जाएंगे और बच्चों को क्या सीख देंगे। शिक्षा विभाग ने कार्यशाला से नदारद 45 प्राचार्यों का एक दिन का वेतन रोकने के आदेश भी जारी किए हैं।
शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिले भर के शासकीय व अशासकीय स्कूलों के प्राचार्यों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किया गया। इस दौरान वर्तमान समय में युवाओं की दृष्टि कैसी है, इस विषय पर शिक्षा विभाग के सहायक संचालकों ने टिप्स दिए। कार्यशाला दो पालियों में हुई, लेकिन एक दिवसीय कार्यशाला की उस समय पोल खुल गई, जब अधिकांश प्राचार्यों की नजर वाट्सएप पर ही टिकी नजर आई।
युवाओं की दशा-दिशा से शब्दावली तक पर हुई चर्चा
शिक्षा विभाग के अनुसार कार्यशाला का उद्देश्य वर्तमान परिस्थिति में युवाओं की दृष्टि किस ओर है, इस पर चिंतन करना था। कार्यशाला में सहायक संचालक एके देवांगन व लक्ष्मण राव मगर ने प्राचार्यों को इस संबंध में जानकारी दी। जिनमें साइबर क्राइम से बचे, विज्ञान शब्दावली, औद्योगिक प्रशिक्षण, आजादी के बाद विज्ञान आदि की जानकारी शामिल थी। कार्यशाला के बाद प्राचार्य स्कूलों में शिक्षक और छात्र-छात्राओं के विचार एकत्रित कर 16 फरवरी तक शिक्षा विभाग में प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
अब सवाल यह उठता है कि शिक्षा विभाग द्वारा प्राचार्यों को दी गई नसीहत का कितना प्रभाव पड़ेगा, जबकि कार्यशाला में प्राचार्य वाट्सएप में ही व्यस्त नजर आए।
हां एक दिन का रोका वेतन
कार्यशाला में 45 प्राचार्य अनुपस्थित रहे, जिनके एक दिन का वेतन रोकने का आदेश जारी हो गया है। रही बात कार्यशाला में मोबाइल पर वाट्सएप चलाने की, तो इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। लक्ष्मण राव मगर, सहायक शिक्षा संचालक
कार्यशाला में जो मौजूद थे वो भी वाट्सएप में मशगूल थे
धमतरी। कार्यशाला में आए प्राचार्य वाट्सएप में व्यस्त नजर आए।