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विद्यालयों में पूजी गईं विद्यादायिनी, हवन पूजन के साथ बच्चों का विद्यारंभ कराया
काॅलेज में हुआ सरस्वती पूजन
बसंत पंचमी पर विद्यादायिनी मां सरस्वती की स्कूलों में विशेष पूजा हुई और नवप्रवेशी बच्चों का विद्या आरंभ संस्कार भी हुआ। कई जगह हवन-पूजन के कार्यक्रम हुए। होलिका दहन की तैयारी को लेकर वार्डों में अंडा पेड़ लगाकर पूजा अर्चना भी की गई।
ज्ञान अमृत विद्यालय में बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजन एवं विद्या आरंभ संस्कार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गायत्री परिवार के निर्मल सिन्हा, सुशीला छाटा, अंजली दुबे, सामरथराम सिन्हा उपस्थित थीं। इस अवसर पर 15 नवप्रवेशी बच्चों का विद्या आरंभ संस्कार कराया गया। गायत्री परिवार के साधक सामरथ सिन्हा ने कहा कि बसंत का पर्व उल्लास का प्रतीक है। इस दिन पीले वस्त्र पहनने, पीली वस्तुओं का दान करने, पीले चांवल का सेवन करने और मस्तक पर हल्दी का तिलक लगाने का विधान है।
पालकों ने कराया विद्या आरंभ: बसंत पंचमी के मौके पर स्कूलों में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना किया। गायत्री परिवार द्वारा हवन-पूजन सहित विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं अनेक नवप्रवेशी बच्चों का विद्या आरंभ संस्कार कराया गया। अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ पालक भी पहुंचे थे, जिन्होंने बच्चें का हाथ पकड़कर विद्या आरंभ संस्कार का विधान पूर्ण कराया।
स्कूलों में हुई पूजा अर्चना: बसंत पर्व के अवसर पर नगर के स्कूलों में सरस्वती पूजन का आयोजन किया गया। वंदेमातरम इंग्लिश स्कूल, म्युनिसिपल स्कूल, गुरुकुल विद्यासागर विद्यालय दानीटोला, बालक स्कूल, आदर्श कन्या मिडिल स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर समेत कई अन्य स्कूलों में यह पर्व धूमधाम से मनाया गया।
नई शुरुआत के लिए बसंत पंचमी श्रेष्ठ
ज्योतिषी पं शंभूनाथ तिवारी का कहना है कि जीवन में किसी भी प्रकार की नई शुरुआत के लिए बसंत पंचमी श्रेष्ठ मुहूर्त है। यह मां सरस्वती का उत्पत्ति दिवस है, इसलिए ज्ञान प्राप्ति के लिए उनकी आराधना की जाती है। बसंत जीवन के उत्साह का नाम है और इसी दिन से प्रकृति नई करवट लेती है और जीवन सुखदायी हो जाता है।यह प्रकृति में जीवन, रस और ज्ञान के प्रसार का उत्सव भी है।
धमतरी। बसंत पंचमी पर ज्ञान अमृत में हुआ हवन पूजन, बच्चों का किया गया विद्या आरंभ संस्कार।