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स्कूलों कार्यालयों के छूटते ही सदर में लग जाता है जाम
परेशानी से बचने और व्यापार विकास के लिए एकमात्र उपाय है सदर रोड चौड़ीकरण।
भास्करन्यूज| धमतरी
सदरबाजार में जाम लगने की शिकायत तो दिन भर रहती है लेकिन स्कूल और कार्यालयों के लगने और छूटने के समय की स्थिति और विकराल हो जाती है। प्रत्येक 100 मीटर के दायरे में दोनों ओर वाहन फंस जाते हंै। वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है। संकरी जगहों और तिराहे के पास दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। आम नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपने स्वार्थ के चलते नेता ही नहीं चाहते कि सदर बाजार का चौड़ीकरण हो। अपने सिपहसलारों के हितों की पूर्ति के लिए प्रशासन तक को झुका लेते हंै। इस बार प्रशासन को सख्त होकर काम करने की आवश्यकता है।
नागरिकाें ने यह भी कहा कि हर बार की तरह चौड़ीकरण का काम इस बार भी रूक जाएगा,इसमें कोई संदेह नहीं है। नगर विकास कुछ लोगों को रास नहीं रहा। नेता ही नहीं चाहते कि शहर सुन्दर दिखे और व्यापार का विकास हो। अब तो सभी व्यापारियों को कदम से कदम मिलाकर एक स्वर में आगे आने की जरूरत है।अव्यवस्था से निजात पाने चौड़ीकरण ही एकमात्र और सर्वमान्य उपाय है। इस संबंध में आम नागरिक खुलकर राय दे रहे हैं।
वाहनों की रेलमपेल सबसे बड़ी परेशानी
शहरके निवासी आशीष बघेल, नीरज, गोलू दिवाकर आिद कहना है कि वे विद्यार्थी हैं और सदर मार्ग से रोज स्कूल जाते हैं। सुबह शाम अिधक भीड़ और वाहनों की रेलमपेल के कारण रोज देरी होती है। सामान खरीदने के समय सबसे ज्यादा परेशानी होती है। सदर मार्ग का चौड़ीकरण होने से ही अव्यवस्था खत्म होगी।
धमतरी. सदर बाजार में जाम लगने की शिकायत दिन भर रहती है।
वाहन रखने की समस्या
कंपनीएजेंट निर्मल उपाध्याय का कहना है कि कंपनी के काम से दर्जनों बार सदर बाजार का पाला पड़ता है। हर बार ट्रैफिक जाम के कारण काम में अनावश्यक देरी हो जाती है। कभी जाम की शिकायत तो कभी वाहन रखने का झंझट हमेशा रहता है। वाहन रखने के नाम पर वाद-विवाद हो जाता है। खरीददारी के समय भी यही परेशानी रहती है। चौड़ीकरण से ही यातायात बहाल होगा।
कार्यालयलेट पहुंचते हंै
शासकीयकर्मचारी कृष्णा चंद्राकर ने कहा कि रोज सुबह-शाम इस मार्ग से गुजरना अब किसी मुसीबत से कम नहीं लगता। जल्दी के समय तो बहुत परेशानी होती है। जाम के कारण कार्यालय लेट पहुंचते हंै। समय में पहुंचने के लिए एक घंटा पहले घर से निकलता पड़ता है। जाम के कारण वाहन में ईंधन भी ज्यादा लगता है। अनावश्यक ट्रैफिक से निजात पाने चौड़ीकरण जल्दी किया जाना चाहिए।
एकराय नहीं होना बाधक
अध्यापकसुरेश चौहान का कहना है कि अब तो सदर चौड़ीकरण के नाम पर हंसी आती है। एक दशक बीत गया लेकिन इस मार्ग का उद्धार नहीं हो पाया। शहर सुन्दर दिखने के साथ वहां का व्यापार विकास भी बखूबी हो रहा है। नेताओं की दूषित मानसिकता और व्यापारियों की एक राय नहीं होने के कारण सदर चौड़ीकरण नहीं हो पा रहा है और ही भविष्य में हो पाएगा, मुझे ऐसा लगता है।