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सोसायटियों में 9 दिन में 55 करोड़ की खरीदी
धमतरी. सोसायटियों मे बढ़ने लगी है धान की आवक।
मात्रा बढ़ी, मार्कफेड का लक्ष्य तय नहीं
एकदिसंबर से जिले में खरीदी शुरू हुई है। पहले खरीदी की मात्रा प्रति एकड़ 10 क्विंटल थी, मार्कफेड का लक्ष्य 26 लाख क्विंटल खरीदने का था। गत दिनों सरकार ने खरीदी की मात्रा प्रति एकड़ 10 क्विंटल से 15 क्विंटल कर दिया है, लेकिन मार्कफेड ने खरीदी का लक्ष्य तय नहीं किया है। ऐसे में कितना धान खरीदा जाएगा और 26 क्विंटल खरीदी के बाद धान की खरीदी होगी या नहीं,इसे लेकर सस्पेंस बरकरार है।
देमार में लोडिंग चार्ज को लेकर खरीदी कुछ देर के लिए रुका, 2.35 रू कट्टा लोडिंग चार्ज मांग रहे थे।
भास्करन्यूज |धमतरी
समर्थनमूल्य पर धान बेचने के लिए इस साल 76 हजार 596 किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 12 हजार से अधिक किसान धान बेच चुके हैं। मंगलवार शाम तक जिले के सोसायटियों में 55 करोड़ का धान खरीदा जा चुका था।
जिले में खरीदी के लिए 55 सोसायटियों के अंतर्गत 84 केन्द्र बनाए गए हैं। खरीदी रफ्तार से हो रही है। अब तक सोसायटियों में 4 लाख क्विंटल से अधिक का धान खरीदा जा चुका है। नगरी क्षेत्र के कुछ केन्द्रों को छोड़ बाकी में आवक अच्छी है। शंकरदाह, देमार, सोरम, संबलपुर, अछोटा, भोथली में धान की अच्छी आवक है, लेकिन केन्द्रों से उठाव नहीं के बराबर हो रहा है। प्रशासन ने डेली उठाव होने की बात कही थी। यहां 9 दिन में खरीदे गए 4 लाख क्विंटल में से मात्र 46 हजार क्विंटल धान का ही उठाव हो पाया है। फिलहाल कहीं जाम की स्थिति नहीं है, लेकिन धान बेचने वाले किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। उठाव की स्थिति ऐसे ही रही,तो जाम लगते देर नहीं लगेगा।
इधर मंगलवार सुबह 11:30 बजे देमार खरीदी केन्द्र में विवाद हो गया, जिसके चलते डेढ घंटे तक खरीदी नहीं हो पाई। मजदूर 2.35 रू प्रति कट्टा लोडिंग चार्ज मांग रहे थे। मिलरों ने इनकार किया, तो सभी मजदूर काम बंद कर हल्ला मचाने लगे। प्रशासन ने प्रति कट्टा दर 2 रू निर्धारित किया है। कुछ देर बाद मिलर और मजदूरों में सहमति बनी,पश्चात खरीदी शुरू हुई। देमार में अब तक 5 हजार 160 क्विंटल 20 किलो धान खरीदा जा चुका है।